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नाम के सीएम राइज स्कूल, पुराने जर्जर भवनों में पढ़ाई के साथ गढ़ रहे भविष्य

-जिले में १५ स्कूलों का चयन, मनावर और तिरला में नई बिल्डिंग का निर्माण शुरू हुआ, आठ स्कूलों की मिली स्वीकृति, ५२०० से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत, न बिल्डिंग की सुविधा और ना ही पर्याप्त स्टॉफ

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नाम के सीएम राइज स्कूल, पुराने जर्जर भवनों में पढ़ाई के साथ गढ़ रहे भविष्य

नाम के सीएम राइज स्कूल, पुराने जर्जर भवनों में पढ़ाई के साथ गढ़ रहे भविष्य

धार. शासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा देने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने सीएम राइज स्कूलों की शुरुआत की है। आदिवासी बाहुल्य धार जिले में १५ स्कूलों का चयन हुआ है। ये सिर्फ नाम के हैं, सारी सुविधाएं पुराने ढर्रे पर चल रही है। एक भी स्कूल के पास खुद का नया भवन नहीं है। सभी पुराने भवनों में संचालित हो रही है। पर्याप्त टीचिंग स्टॉफ नहीं है। ऐसे में बच्चों को स्मार्ट शिक्षा देने के दावों की पोल खुल रही है।

धार शहर में भी घोड़ा चौपाटी के नजदीक हाइस्कूल को सीएम राइज का दर्जा मिला है। किंतु यहां स्कूल का संचालन बरसों पुराने भवन में हो रहा है। रियासत कालीन के समय की बिल्डिंग है। दीवारों का रंग उड़ चुका है। जंगली पौधे उग आए हैं। प्राचार्य एसआर मिश्रा ने बताया कि नई बिल्डिंग के लिए सेंट्रल स्कूल के पीछे जमीन अलॉट हो चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रायमरी में १० प्राथमिक शिक्षक नियुक्त हुए हैं। माध्यमिक शिक्षकों की कमी है। कुल मिलाकर नाम बड़े और दर्शन छोटेे की कहावत चरितार्थ हो रही है। अफसरों का कहना है कि शासन स्तर से बजट मिलने के बाद कुछ स्थानों पर नई बिल्डिंग के निर्माण होना है।स्मार्ट क्लास आधारित शिक्षा व्यवस्था

बच्चों के सर्वांगीण विकास और शिक्षा सुधार के लिए सीएम राइज स्कूल आरंभ किए हैं। जहां आधुनिक संसाधन सहित स्मार्ट क्लास की सुविधा मुहैया होना चाहिए। ताकि विद्यार्थी अच्छे से पढ़ाई कर भविष्य संवर सके। नई बिल्डिंग में यह सुविधा शासन स्तर से मिलना है। फिलहाल पुराने भवनों में जुगाड़ से पढ़ाई चल रही है। सरकार की मंशा के अनुसार नर्सरी से लेकर १२ वीं तक की पढ़ाई एक ही छत नीचे हो, उसी उद्देश्य को लेकर सीएम साइज स्कूलों का चयन किया गया है।

स्टॉफ की कमी, अतिथियों शिक्षकों के भरोसे पढ़ाई

शिक्षकों की कमी पढ़ाई में रोड़ा बन रही है। यह समस्या सीएम राइज स्कूलों में भी देखी जा सकती है। प्रत्येक स्कूल में प्राचार्य समेत हाइस्कूल और हायर सेकंडरी कक्षाओं के लिए विषय विशेषज्ञ, स्पोट्र्स टीचर व स्टॉफ की नियुक्ति होना थी। पर्याप्त स्टॉफ नहीं होने से कुछ स्थानों पर अतिथि शिक्षक रखे गए हैं। जिनके द्वारा बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।

जिले में यहां चल रहे सीएम राइज स्कूल

जनजाति विकास विभाग:-धार, तिरला, सरदारपुर, टांडा, बाग, कुक्षी, निरसरपुर, गंधवानी, मनावर, बाकानेर, धरमपुरी, नालछा और डही में सीएम राइज स्कूल शुरू हुए है।

शिक्षा विभाग:-दो स्कूल बदनावर, नागदा में संचालित हो रहे हैं।

आठ बिल्डिंग स्वीकृति, दो जगह निर्माण

अधिकारियों के अनुसार जिले में सीएम राइज स्कूल के आठ बिल्डिंग की सैद्धांतिक स्वीकृति शासन से मिल चुकी है। इसमें तिरला और मनावर में ही निर्माण शुरू हुआ, शेष छह स्थानों पर निर्माण आरंभ नहीं हुआ। इसी प्रकार धार, बाग, टांडा, सरदारपुर, नागदा और बदनावर के लिए बिल्डिंग की सौगात नहीं मिल पाई।

फैक्ट फाइल...

जिले में...

-१३ विकासखंड

-१५ स्कूलों का चयन

-५२०० से अधिक छात्र संख्या

-०८ बिल्डिंग स्वीकृत

ये सुविधाएं

-नर्सरी से १२ वीं तक की कक्षाएं

-प्रशिक्षित शिक्षक

-सीबीएसई पैटर्न पर हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई

-स्मार्ट क्लास, साइब्रेरी, खेल मैदान

आठ बिल्डिंग स्वीकृत

ट्रायबल समेत शिक्षा विभाग में १५ स्कूल सीएम साइज के लिए चयनित हुए हैं। सभी पुराने भवनों में ही चल रहे हैं। आठ बिल्डिंग स्वीकृत हुई है। दो जगह काम चल रहा है। नई बिल्डिंग तैयार होने पर बच्चों को पर्याप्त सुविधाएं मिलना शुरू हो जाएगी।

एके पाठक, सहायक संचालक जनजाति विकास विभाग धार

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