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मेहरबान हुआ मानसून, झमाझम बारिश से लबालब हुआ गंगरेल बांध, सिंचाई के लिए मिल रहा पानी

Dhamtari News: कैचमेंट एरिया में हो रही झमाझम बारिश से गंगरेल में पानी की आवक शुरू हो गई है। सूत्रों की मानें तो 1 जून से लेकर अब तक बांध में करीब 2 टीएमसी पानी भर चुका है।

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Monsoon has been kind, Gangrel dam filled with heavy rains

मेहरबान हुआ मानसून, झमाझम बारिश से लबालब हुआ गंगरेल बांध

Chhattisgarh News: धमतरी। कैचमेंट एरिया में हो रही झमाझम बारिश से गंगरेल में पानी की आवक शुरू हो गई है। सूत्रों की मानें तो 1 जून से लेकर अब तक बांध में करीब 2 टीएमसी पानी भर चुका है। दोपहर 3 बजे की स्थिति में बांध में 4 हजार क्यूसेक पानी की आवक हो रही थी। चारामा क्षेत्र में हो रही बारिश के चलते बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में सिंचाई विभाग पानी की आवक की पल-पल की जानकारी ले रहा है।

सावन माह में मानसून धमतरी जिला पर मेहरबान हो गया है। मानसून के सक्रिय होते ही जिले में झमाझम बारिश हो रही है। पिछले 24 घंटे मेंं जिले में 6.4 मिमी बारिश दर्ज किया गया है। अभी भी चारामा समेत कैचमेंट एरिया में लगातार बारिश हो रही है। इससे बड़ी मात्रा में बांधों में पानी की आवक बनी हुई है। एक जानकारी के अनुसार 32.150 टीएमसी क्षमता वाले गंगरेल (CG Hindi News) बांध में प्रति सेकंड 4 हजार 838 क्यूसेक पानी की आवक हो है। जबकि बांध से पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। यहां 15.499 टीएमसी उपयोगी पानी है। सिंचाई विभाग की मानें तो इस सीजन में गंगरेल बांध में अब तक करीब 2 टीएमसी पानी भर चुका है, जिसके चलते बांध में पानी का लेवल 344.85 मीटर तक पहुंच गया है। इस तरह अब तक बांध में 57 प्रतिशत पानी उपलब्ध है। बांध को भरने के लिए अभी भी अच्छी बारिश की दरकार है।

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सोंढूर बांध से छोड़ा जा रहा 521 क्यूसेक पानी

10.192 टीएमसी क्षमता वाले दुधावा बांध में 7.037 टीएमसी पानी भर चुका है। यहां 555 क्यूसेक पानी की आवक बनी हुई है। इसी तरह 6.115 टीएमसी क्षमता वाले सोंढूर बांध में 4.393 टीएमसी पानी भरा चुका है। इसमें 3.740 टीएमसी उपयोगी पानी है। यहां 70 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। जबकि 521 क्यूक पानी छोड़ा जा रहा है।

बांधों को इतनी पानी की है जरूरत

सिंचाई विभाग की सूत्रोंं की मानें तो गंगरेल बांध समेत जिले के चारों बांधों में कुल 55.176 टीएमसी पानी संग्रहित किया जा सकता है। इसमें 3.599 टीएमसी पानी उपयोग मेंं आ सकता है। चारों बांधों में कुल 32.382 भरा है। अभी चारों बांधों को भरने के लिए 22.794 टीएमसी m(Dhamtari news) पानी की जरूरत है। यदि सावन माह में बारिश इसी तरह से होती रही, तो उम्मीद है कि जल्द ही बांधों की सेहत सुधर सकता है।

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