दौसा. जिले के पहले मेडिकल कॉलेज में शिक्षण कार्य अगस्त में चालू होने की उम्मीद है। पहले बैच के लिए भवन तैयार हो चुका है। नेशनल मेडिकल कमीशन की तरफ से हरी झंडी भी मिल गई है। नीट के विद्यार्थियों की काउंसलिंग पूरी होने के बाद यहां पढ़ाई शुरू हो जाएगी। इस संबंध में मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राजेन्द्र यादव से बातचीत के अंश।
सवाल- कॉलेज का संचालन कब तक शुरू होगा?
जवाब- वैसे तो मेडिकल कॉलेज का संचालन जारी है। स्टाफ प्रतिदिन आ रहा है, विद्यार्थियों का अध्ययन अगस्त में शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए आवश्यक तैयारियां चल रही हैं।
सवाल- कितना स्टाफ लगाया गया है?
जवाब- टीचिंग के लिए यहां 35 का स्टाफ स्वीकृत हैं, जिसमें से 22 ने ज्वाइन कर लिया है। नॉन टीचिंग तथा पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है।
सवाल- पहले बैच में कितने विद्यार्थी होंगे?
जवाब- पहले बैच में अधिकतम 100 विद्यार्थी होंगे। जब दूसरे बैच का समय आएगा तब फिर से नेशनल मेडिकल कमीशन की ओर से निरीक्षण किया जाएगा। फिलहाल 100 विद्यार्थियों के हिसाब से भवन तैयार है।
सवाल- दौसा जिलेवासियों को क्या लाभ होगा?
जवाब- जिला अस्पताल बदलकर अब मेडिकल कॉलेज के अस्पताल के रूप में होने से सुविधाएं बढ़ेंगी। एचओडी के रूप में स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स की सुविधा मिलेंगी। दूसरे वर्ष से विद्यार्थी अस्पताल में सेवाएं देने लगेंगे। चिकित्सा के स्तर पर सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।
सवाल- भवन का पूरा काम कब तक होगा?
जवाब- इसी वर्ष में भवन का निर्माण पूरा होने की उम्मीद है। मुख्य भवन कुल चार मंजिला है। छात्र व छात्राओं के लिए अलग-अलग हॉस्टल का निर्माण चल रहा है। टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ के आवास भी बन रहे हैं।