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एमपी का ये शहर 1 अप्रैल के बाद होगा ‘शराब मुक्त’, सभी 9 दुकानों पर लगेंगे ताले

alcohol free City: मध्य प्रदेश की नई आबकारी नीति लागू होते ही एमपी का ये शहर पूरी तरह से शराब मुक्त हो जाएगा। धार्मिक नगरी घोषित होने के चलते शहर की 9 शराब दुकानें हमेशा के लिए बंद होने जा रही हैं।

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दतिया

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Akash Dewani

Mar 24, 2025

Datia will be alcohol free City after April 1 Due to being declared as religious city mp government

alcohol free City: मध्य प्रदेश में 1 अप्रैल से लागू हो रही नई आबकारी नीति के तहत धार्मिक और शैक्षणिक संस्थानों से 100 मीटर के दायरे में शराब दुकानें संचालित नहीं होंगी। वहीं, दतिया को शासन स्तर पर धार्मिक नगरी घोषित किए जाने के कारण शहर के अंदर संचालित देसी और अंग्रेजी शराब की 9 दुकानों को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।

शहर में इन दुकानों से सालाना करीब 18 करोड़ रुपए का राजस्व सरकार को प्राप्त होता था, लेकिन नई नीति लागू होने के बाद यह राशि सरकारी खजाने में नहीं पहुंचेगी। हालांकि, जिले के अन्य कस्बाई इलाकों में शराब की लाइसेंसशुदा दुकानें बदले हुए स्वरूप में संचालित होंगी।

शहर में शराब की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित

नई नीति के तहत दतिया शहर की सीमा में शराब की कोई भी दुकान संचालित नहीं होगी। वर्तमान में झांसी-ग्वालियर हाईवे, बाजार में दारूगर की पुलिया, रिछरा फाटक, हॉउसिंग बोर्ड कॉलोनी, भाण्डेरी फाटक, दिनारा रोड, खलकापुरा, हाथीखाना मोहल्ला, ईदगाह मोहल्ला और गड़रिया की चौकी इलाके में देसी और अंग्रेजी शराब की कंपोजिट दुकानें चल रही हैं। 1 अप्रैल से इन सभी दुकानों का संचालन बंद कर दिया जाएगा।

शराब अहातों में बैठकर पीने पर प्रतिबंध

शहर को छोड़कर अन्य कस्बों और ग्रामीण इलाकों में शराब की दुकानों का संचालन जारी रहेगा, लेकिन बदले हुए स्वरूप में। कस्बों और ग्रामीण अंचलों में संचालित शराब दुकानों के अहातों में बैठकर शराब पीने पर पूर्णत: प्रतिबंध रहेगा। ग्राहक को शराब खरीदकर घर या किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर ही सेवन करना होगा।

यह भी पढ़े- एमपी में एक हफ्ते में दो दिन बंद रहेंगी शराब दुकानें, आदेश जारी

राजस्व पर पड़ेगा असर

वर्तमान में जिले भर में शराब की 70 दुकानें संचालित हैं। दतिया शहर में 9 दुकानें बंद होने के बाद यह संख्या घटकर 61 रह जाएगी। अभी तक सरकार को जिले से 75 करोड़ 89 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त होता था, लेकिन अप्रैल से यह घटकर 57 करोड़ 89 लाख रुपए रह जाएगा।

अवैध शराब के कारोबार को मिल सकता है बढ़ावा

स्थानीय लोगों का मानना है कि नगर पालिका क्षेत्र में लाइसेंसी शराब दुकानें बंद होने से अवैध शराब का कारोबार बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन के लिए अवैध शराब पर नियंत्रण रखना चुनौती होगी।

अवैध बिक्री पर रहेगा कड़ा पहरा

इस मामले पर जिला आबकारी अधिकारी राकेश राणा का कहना है कि, "हम अवैध शराब के विक्रय पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। लगातार कार्रवाई कराई जाएगी ताकि शराब माफिया को कोई मौका न मिल सके।"

फैक्ट फाइल

  • 70 शराब दुकानें जिले में संचालित
  • 09 दुकानें दतिया शहर में होंगी बंद
  • 75 करोड़ 89 लाख रुपए का अब तक मिलता था राजस्व
  • 57 करोड़ 89 लाख रुपए रह जाएगा अब राजस्व