
CG News: इमरजेंसी के दौर में मीसाबंदी के रूप में 71 दिन जगदलपुर जेल में रहने वाले लबाड़ी चन्द्रया को आज पार्टी ने भूला दिया है। वे बीजापुर जिले के सबसे वरिष्ठ भाजपाई और इकलौते मीसाबंदी हैं। गोल्लागुडा निवासी चन्द्रैया को अब कोई नहीं पहचानता ना पूछता है।
देश की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा को बस्तर में मजबूत करने में इनका भी अहम योगदान रहा। वे बस्तर के पूर्व सांसद स्व. बलीराम कश्यप के साथ बस्तर के गांव-गांव में घूमकर काम किया करते थे। आज उनकी स्थिति ऐसी है कि वे एक झोपड़े में रहने को मजबूर हैं।
केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार है लेकिन उन्हें कभी इसका फायदा नहीं मिला। वे कहते हैं मुझे ज्यादा कुछ नहीं चाहिए। बस एक बार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मिलना चाहता हूं। वे 87 साल के हो चुके हैं और खेती-किसानी करके जीवन चला रहे हैं। उनके बेटों ने भी उनका साथ छोड़ दिया है और वे अपनी पत्नी के साथ रहते हैं।
बुजुर्ग लबाड़ी चन्द्रया अपनी पत्नी के साथ गोल्लागुड़ा में अकेले ही रहते हैं। उनके 9 बच्चे हैं, 4 लड़के और 5 लड़कियां हैं। बच्चों ने भी उनका साथ छोड़ दिया है। उनके पास 7 एकड़ कृषि भूमि है। उनका ब्लड प्रेशर हाई रहता है। हाथ-पैर में दर्द की वजह से ज्यादा काम भी नहीं कर पाते। वे बार-बार यही कहते हैं कि एक बार मुख्यमंत्री से मिलना है।
CG News: पार्टी से लबाड़ी चन्द्रैया को कुछ नहीं मिला लेकिन आज भी वे पार्टी के लिए समर्पित हैं। उन्होंने बताया कि गोल्लागुड़ा गांव में वें अकेले ही पार्टी से जुड़े थे। पहले पार्टी का नाम दिया छाप था। उसके बाद नागर छाप हुआ अब भारतीय जनता पार्टी है।
बताया कि इंदिरा गांधी के शासन काल ने संगठन के पक्ष में प्रचार करते थे लेकिन अब नए-नए लोग आ चुके है। उनकी कोई पूछ परख नहीं हैं। पार्टी के लोग उन्हें जानते तक नहीं हैं। जिले में एक मात्र जीवित व्यक्ति हैं जो भारतीय जनता पार्टी के लिए इमरजेंसी के वक्त जेल जा चुके हैं।
Updated on:
18 Apr 2025 12:27 pm
Published on:
18 Apr 2025 12:26 pm
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