
कच्ची सड़कें : बारिश के मौसम में यात्रियों को सफर पड़ रहा महंगा, हो रही परेशानी
मडिय़ादो. बारिश के साथ ही सड़कों की सूरत बदल गई है। मुख्यमार्ग से गांव तक जोडऩे वालीं दर्जनों सड़कें दलदल में तबदील हो चुकीं हैं। वही छतरपुर को जोडऩे वाले मडिय़ादो से चौरइया और घोघरा रूट से भी आवागमन फिलहाल बंद हो चुका है। जिस कारण लोगों को अतिरिक्त किराया देकर अन्य रूट से आवागमन करना पड़ रहा है।
दमोह के घोघरा और छतरपुर के नगदा गांव के बीच की लगभग दो किमी सड़क पूरी तरह से दलदल में बदल चुकी है। यहां वाहन चालक जान जोखिम में डालकर वाहन निकाल रहे हैं। ग्राम पंचायत पाली के अंतर्गत आने वाले ग्राम खड़पुरा के रहवासी भी मार्ग दलदल में तब्दील होने से विभिन्न परेशानियों का सामना करने मजबूर है। यहां के लोगों ने सड़क की मांग को लेकर विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किया था। लोकसभा चुनाव में सड़क निर्माण का आश्वासन लोगों को दिया गया था। लेकिन आश्वासन अब तक झूठा साबित होना ही सामने आया है। मुख्यमार्ग से सड़क को जोडऩे वाले कच्चे मार्ग के बीच में एक जंगली नाला आता है। नाला उफान पर होने के कारण क्षेत्र के ग्रामीणों का आवागमन बंद हो जाता है।
यहां भी राशि की बबार्दी
जनपद पंचायत हटा अंतर्गत लगभग एक दर्जन से अधिक गांवों में आजादी के बाद अब तक आवागमन आसान नहीं हो पाया है। ऐसा नहीं कि सरकार द्वारा उक्त गांवों में पहुंच मार्ग आसान करने पैसा खर्च नहीं किया हो। लेकिन सड़क निर्माण कार्य करने वाली एजेंसी और जिम्मेदारों द्वारा किए गए भ्रष्टाचार के कारण पैसा की बर्बादी साफ दिखाई देती है। परिणाम स्वरूप ग्रामीणों को बारिश में आवागमन करने पैदल चलने के अलावा कोई विकल्प नहीं रहता।
ग्राम पंचायत बर्धा के इमलिया गांव में ग्रामीणों के आवागमन करने लाखों रुपए खर्च करने के बाद मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सड़क निर्माण हुआ था। बीते वर्ष बारिश में पुलिया ढह गई जिसका सुधार नहीं हुआ। परिणाम स्वरूप बारिश के मौसम में गांव तक आवागमन करना नामुमकिन होता है।
घोघरा ग्राम पंचायत के कारीबरा पहुंच मार्ग के बीच ढेड़पानी नाला पर बना रिपटा सालों से छतिग्रस्त है। यहां बारिश के दिनों में आवागमन करना बहुत परेशानी भरा होता है। शिकायतों के बाद प्रशासन की अनदेखी ग्रामीणों को भारी पड़ रही है।
यहां भी परेशानी भरा सफर
बनौली, मदनपुरा, सूरजपुरा, चूना सगौनी, पाटन, झोदा, इमलिया, स्यामरङ्क्षसघी, जुनेरी गांवों के लोग बारिश में परेशान हो रहे हैं। आजादी के बाद भी दर्जनों गांवों के वाशिंदों को सड़क सुख प्राप्त नहीं हुआ है। यहां के लोग सबसे ज्यादा असहाय बारिश के मौसम में उस वक्त हो जाते हैं जब किसी के बीमार होने पर अस्पताल पहुंचना होता है। सड़क पर कीचड़ का दलदल होने के कारण वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाता है। ऐसे में मरीज को लोग चारपाई के सहारे गांव से पांच से आठ किमी तक ले जाकर मुख्य मार्ग तक पहुंच पाते हैं।
Published on:
10 Aug 2019 04:00 pm
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