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शहर की जबलपुर नाका पुलिस चौकी के सामने हुए जानलेवा हमले में पुलिस बनी रही मूक दर्शक

घटना के बाद आखिर क्यों नहीं मिल पाए आरोपी

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दमोह

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Samved Jain

Oct 06, 2019

Police remained silent spectator in the deadly attack in front police

Police remained silent spectator in the deadly attack in front police

दमोह. जिले में लगातार होने वाली घटनाओं पर विराम नहीं लग पा रहा है। इसके अलावा घटनाओं के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर पाने में पुलिस नाकाम साबित होती नजर आ रही है। हालांकि पुलिस अधिकारी जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने की बात कहते नजर आ रहे हैं।


पिछले एक माह के बीच हुई घटनाओं होने वाले मामलों में अभी तक पुलिस आरोपियों का पता नहीं लगा पा रही है। सबसे बड़ी घटना को जबलपुर नाका पुलिस चौकी के सामने दिन दहाड़े होने के बाद आधा दर्जन आरोपी पुलिस के सामने से भाग निकले। जिनमें से केवल एक आरोपी जिसे जनता के सहयोग से पकड़कर दूसरे दिन पुलिस फोटो खिचवाकर पीठ थपथपाती नजर आई। जबकि अन्य मामलों में भी कई आरोपियों को सुराग तक नहीं लगा पा रही है।

किसने की थी महिला की हत्या -
27 सितंबर की सुबह शहर से लगे देहात थानांतर्गत पथरिया फाटक से बड़ीदेवी मंदिर जाने वाले मार्ग पर हटा निवासी महिला का शव मिला था। जिसकी अज्ञात लोगों ने हत्या की थी मृतका सुनीता बाई खुमान अहिरवार हत्याकांड में आरोपी थी। जिसे आखिरी बार दो दिन पूर्व ही जिला अस्पताल में देखा गया था। मामले में हटा निवासी सुनीता की मां देशरानी पति स्व. घसोटी अहिरवार (६२) निवासी शास्त्रीवार्ड हटा का कहना है जिसने भी उसकी बेटी की हत्या की है, उसे पुलिस को जल्द ही पता करके गिरफ्तार कर सजा दिलाना चाहिए। लेकिन अभी तक पुलिस आरोपियों का पता नहीं लगा पाई है। कुल मिलाकर महिला की हत्या के एक माह बाद भी अभी तक सुराग का पता नहीं लगाया जा सका है।

इस घटना में भी अब तक खाली हैं पुलिस के हाथ -
6 सितंबर को देहात थाना क्षेत्र के जबलपुर नाका चौकी क्षेत्र के मारूताल टेक पर एक व्यक्ति खून से लथपथ हालत में मिला था। जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। घटना के बाद पीएम रिपोर्ट आने पर अज्ञात के बाद भी अभी तक आरोपियों तक पुलिस के हाथ नहीं पहुंच सके हैं। घटना के बाद से अब तक किसी भी आरोपी का पता नहीं लगाने में पुलिस सफल नहीं हो सकी है।

नहीं मिले हत्या के आरोपी -
करीब तीन माह पूर्व जबलपुर नाका चौकी क्षेत्र में एक ट्रक चालक की हत्या करने के मामले में भी अभी तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। एक आरोपी संदीप यादव पर भले ही एसपी ने इनाम की घोषणा की हो। लेकिन उसे गिरफ्तार करने में पुलिस अब तक नाकाम साबित हो रही है। इसके अलावा भी करीब दर्जन भर मामले ऐसे हैं, जिनमें मामला दर्ज होने के बाद से आरोपी लगातार फरार चल रहे हैं। कुछ अंधे हत्याकांड के मामले भी पुलिस सुलझाने में नाकाम साबित होती दिखाई दे रही है।

अंधे हत्याकांड अब भी अबूझ-
वर्ष 2017- में एक प्रकरण अब भी उलझा हुआ है। जिसकी गुत्थी सुलझ नहीं सकी है। यह हत्या अमित डेनियल की बटियागढ़ थाना क्षेत्र में हुई थी। जो अब तक अबूझ पहेली बनी हुई है।
वर्ष 2018- में अंधे हत्याकांड के 6मामले ऐसे हैं, जिनमें अब तक खुलासे नहीं हो सके हैं।
वर्ष 2019- में भी 2 अंधे हत्याकांड ऐसे हैं, जिसमें


सभी आरोपियों को जल्द ही किया जाएगा गिरफ्तार-
जो भी अंधे हत्याकांड हैं उनकी विवेचना जारी है। जिसकी विवेचना पूरी होते ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जो आरोपी फरार चल रहे हैं उनकी तलाश भी की जा रही है। जल्द ही आरोपियों तक पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
विवेक कुमार लाल-एएसपी दमोह