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गर्भवती महिलाओं की हर गुरुवार होगी घर-घर जांच, स्वास्थ्य विभाग ने शुरू किया खास अभियान

mp health department: गर्भवती महिलाओं की बेहतर देखभाल के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। प्रशासन ने एलएमपी ट्रैकिंग डे योजना शुरू की है, जिसके तहत घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं की पहचान जाएगी।

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दमोह

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Akash Dewani

Apr 03, 2025

mp Health Department has come into alert mode to reduce maternal infant mortality rate in damoh

mp health department: मध्य प्रदेश के दमोह में मातृ-शिशु मृत्युदर को कम करने और गर्भवती महिलाओं की बेहतर देखभाल के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। हाल ही में शिविरों के दौरान 400 से अधिक महिलाएं गर्भवती पाई गईं, जिनका कोई रिकॉर्ड स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं था। अब ऐसी गलती न हो, इसके लिए प्रशासन ने एलएमपी ट्रैकिंग डे योजना शुरू की है, जिसके तहत हर गुरुवार को आशा कार्यकर्ता और एएनएम घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं की पहचान करेंगी।

रिकॉर्ड में नहीं गर्भवती महिलाएं

हाल ही में हुए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत हिंडोरिया और हटा में आयोजित शिविरों में 400 से अधिक गर्भवती महिलाएं मिलीं, जो सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं थीं। इनमें से कई महिलाएं दूसरी बार मां बनने वाली थीं, तो कुछ को पहले गर्भ में ही बच्चे की मृत्यु का दर्द सहना पड़ा था।

स्वास्थ्य विभाग के इस झटके ने प्रशासन को हिला दिया।जब यह जानकारी कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर तक पहुंची, तो उन्होंने सीएमएचओ डॉ. मुकेश जैन और नोडल अधिकारी डॉ. विक्रांत सिंह चौहान से चर्चा की। नतीजतन, 'एलएमपी ट्रैकिंग डे' योजना की शुरुआत हुई, जिससे गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच और पंजीकरण सुनिश्चित किया जा सके।

हर गुरुवार होगी महिलाओं की विशेष जांच

अब हर हफ्ते गुरुवार को डोर-टू-डोर जांच अभियान चलेगा। आशा कार्यकर्ता और एएनएम महिलाओं की प्रेग्नेंसी टेस्ट करेंगी और जिनका टेस्ट पॉजिटिव आएगा, उनका तत्काल पंजीयन कराया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई महिलाओं को गर्भधारण का अहसास ही नहीं होता और वे बिना किसी देखरेख के गर्भावस्था के महीनों में पहुंच जाती हैं। इससे गर्भस्थ शिशु और मां, दोनों के लिए खतरा बढ़ जाता है। इसीलिए यह योजना सुनिश्चित करेगी कि हर गर्भवती महिला की समय पर जांच और देखभाल हो।

क्यों जरूरी है एलएमपी ट्रैकिंग ?

एलएमपी यानी अंतिम मासिक धर्म की तारीख से गर्भावस्था की गणना की जाती है। कई महिलाएं इसे भूल जाती हैं या नजरअंदाज कर देती हैं, जिससे उनकी प्रेग्नेंसी हाई-रिस्क में बदल जाती है। अब गांव-गांव में यह ट्रैकिंग होगी, जिससे महिलाओं को समय पर मेडिकल सुविधाएं मिलेंगी।

कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर का कहना है कि, गर्भवती महिलाओं का रिकॉर्ड रखना बेहद जरूरी है, ताकि जटिलता आने से पहले ही उनका इलाज शुरू किया जा सके। हर गुरुवार को एलएमपी ट्रैकिंग होगी और महिलाओं की जांच सुनिश्चित की जाएगी।

फैक्ट फाइल

  • हर गुरुवार घर-घर जाकर प्रेग्नेंसी जांच करेंगी आशाएं व एएनएम
  • पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर तुरंत पंजीयन किया जाएगा
  • गर्भवती महिलाओं की संपूर्ण जांच होगी, ताकि कोई जटिलता न हो
  • हिंडोरिया और हटा के शिविरों में 400 से ज्यादा महिलाएं बिना पंजीयन गर्भवती पाई गईं