
Hatta MLA Uma devi Khatik
दमोह. भारत के संविधान में न्यायपालिका को सर्वोच्च स्थान दिया गया है, लेकिन हमारी विधायक इससे भी सर्वोच्च बनने के लिए क्या करती है, इसकी एक तस्वीर हटा से सामने आई। सीएम राइज स्कूल की जमीन पर नगरपालिका के ठेकेदार ने जब जबरन रात में रोड का काम किया और सुबह शिक्षा विभाग ने विरोध तो विधायक मौके पर पहुंच जाती है। इसके बाद विभाग के अधिकारी ने उन्हें पूरी स्थिति से अवगत कराया, लेकिन विधायक फिर कहां सुनने वालीं। उन्होंने जनता के सामने बीईओ से यह तक कह दिया कि मैं अनपढ़ हूं, गंवार हूं, लेकिन जनता के कामों के लिए खड़ी रहूंगी, अड़ी रहूूंगी।
बात जब न्यायालय की आई तो यह भी कहा कि जब फैसला आए तो लगा देना, प्राणों की आहूति दे दंूगी, लेकिन सड़क तो बनकर रहेगी। जो करना है सो कर लो। हटा विधायक के यह बोल थे कि बीईओ क्या करते, वह अपने अधिकारियों को सूचना देते नजर आए, लेकिन कुछ कर नहीं पाए। दरअसल, पूरे मामले की शुरुआत रविवार की रात से शुरू हुआ। जब नगरपालिका के ठेकेदार ने सीएम राइज की इस विवादित जमीन पर सड़क का बेस डालने का काम बिना कोई सूचना के शुरू कर दिया। सोमवार की सुबह जब प्राचार्य को यह जानकारी मिली तो उसने आपत्ति व्यक्त की। साथ ही मामले की जानकारी बीईओ और एसडीएम को दी।
इसके बाद मौके पर पहुंचे बीईओ बीएस राजपूत ने काम को रुकवा दिया। जिसकी जानकारी लगने पर विधायक उमादेवी खटीक मौके पर पहुंची और बीईओ से चर्चा करने लगी। इस दौरान स्थानीय लोग और नेताओं की भी मौजूदगी रही।
विधायक उमादेवी खटीक के सामने बीईओ बीएस राजपूत ने स्कूल का पक्ष रखते हुए बताया कि स्कूल जमीन का मामला आयुक्त सागर के यहां विचाराधीन है। स्कूल हाईकोर्ट जा रहा है, लेकिन विधायक ने उनकी एक नहीं सुनी और कहा कि हम जनप्रतिनिधि है हमें आम लोगों की समस्या में मदद करना है। लोगों को सड़क नहीं है परेशान हो रहे हैं, इसलिए अभी सड़क बन जाने दो जब कोर्ट का निर्णय आएगा तो बंद करा देना। इस बीच शिक्षा विभाग के लोग असहाय नजर आए। इस दौरान वह धमकी भरे अंदाज में भी बीईओ से बीच-बीच में चर्चा करती नजर आई, जिससे वह पीछे हटते नजर आए।
दरअसल, हटा के तीन लोगों ने मिलकर सीएम राइज स्कूल के बीच एक अवैध कॉलोनी काटकर प्लाटों का विक्रय कर दिया है। जिन प्लॉट का विक्रय किया गया है, उनमें दर्शाई गई रोड सीएम राइज की जमीन को बताकर प्लाट खरीदने वालों से धोखा किया गया। जिस पर सीएम राइज स्कूल प्रबंधन की आपत्ति के बाद वह रोड बंद कर दी गई थी। इस मामले में यहां रहने वाले एक व्यक्ति ने कमिश्नर कार्यालय में भूखंड में दर्शाई गई रोड बंद होने होने का दावा पेश किया था। जिस पर आदेश देते हुए अक्टूबर २०२३ में रास्ता खुलवा दिया गया था। इसके बाद इसी रास्ते से आवागमन हो रहा था। मामले में बीते महीनों में कलेक्टर ने हटा पहुंचकर समस्या सुनी थी। साथ ही बीईओ और एसडीएम को मामला हाईकोर्ट में लगाने कहा था, लेकिन अब तक उक्त अधिकारी मामला हाईकोर्ट लेकर नहीं गए। इसी बीच नगरपालिका सीएमओ ने ५ लाख के अंदर के काम का आधार बनाकर १०० मीटर की सड़क का काम दे दिया गया। अचानक से हुई इस मंजूरी की शिक्षा विभाग को भनक तक नहीं लगने दी और काम शुरू कर दिया। इसके बाद यह पूरा वाक्या सामने आया है। जबकि इस रोड के बनने और शुरू होने से सीधा का लाभ कॉलोनाइजर का हो रहा है।
किसने क्या कहा
-स्कूल की जमीन पर सड़क बनाना गलत है, लेकिन नगरपालिका सीएमओ किसी की नहीं सुन रहे हैं, अपनी मनमर्जी से कार्य कर रहे हैं, यह गलत प्रक्रिया है।
शैलेंद्र खटीक, अध्यक्ष नगरपालिका हटा
विधायक को स्कूल की वस्तु स्थिति से अवगत कराया था ,लेकिन वह अभी सड़क निर्माण के पक्ष में है। उन्होंने उनकी बात का पूरा सुनना भी नहीं चाहा, अधिकारियों को जानकारी दी गई है।
- बीएस राजपूत, बीईओ हटा
मेरे पास पुरैना गांव के लोग सड़क की समस्या को लेकर आए थे, इसलिए सड़क निर्माण कराया गया है। जनता परेशान हो रही है, इसीलिए सड़क जरूरी है। कोई गलत काम नहीं किया है। इसके लिए अड़ी रहूंगी।
उमा देवी खटीक, विधायक हटा
Updated on:
10 Jul 2024 08:21 pm
Published on:
10 Jul 2024 07:58 pm
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