
लखनऊ । झांसी के एसडीएम ऑफिस से सेना की सभी डिटेल्स पाकिस्तान भेजी जा रही थी। यूपी एटीएस को इसके सबूत मिले हैं कि सेना क्या कर रही है, सेना की फायरिंग प्रैक्टिस, गोलाबारी, सेना की हर यूनिट की डिटेल सभी पाकिस्तान फोन करके बताई जा रही थी। हालांकि एटीएस अभी भी जानकारियां भेजने को पकड़ नहीं पाई है। लेकिन एटीएस को शक है कि सभी गोपनीय जानकारियां एसडीएम के स्टेनो द्वारा भेजी जा रही हैं। एटीएस को कुल 6 लोगों पर शक है।
एसडीएम दफ्तर से भेजी जा रही थी डिटेल्स
सेना रोज अपनी फायरिंग और प्रैक्टिस की जानकारी संबंधित थाने और तहसील को देती है। यह सूचनाएं गोपनीय होती हैं। लेकिन एसडीएम सदर के दफ्तर से यही सारी सूचनाएं पाकिस्तान से फोन करने वालों को दी जा रही थीं। जिससे पाकिस्तान को सभी बातों का पता होता था कि सेना की कौन-सी कहां प्रैक्टिस कर रही है।
सीओ मनीष सोनकर देखेंग केस
इस मामले की पड़ताल में पहले एसआई केएम राय लगे थे। लेकिन अब कानपुर में तैनात सीओ मनीष सोनकर को भी झांसी भेजा गया है। आईजी असीम अरुण का कहना है कि जब तक कोई मजबूत सबूत नहीं मिलेगा तब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।
बैंक के खातों से जुटाते थे जानकारी
एटीएस ने शक के दायरे में एसडीएम के स्टेनो और बाकी पांच कर्मचारियों के बैंक खातों के साथ उनके परिवार के लोगों के बैंक खातों की भी पड़ताल कर रही है। यह पड़ताल करने के की कोशिश की जा रही है कि किसका वेस्टर्न यूनियन बैंक में खाता है। एटीएस का कहना है कि जिसका भी खाते में संदिग्ध लेन देन दिखेगा उसकी ही गिरफ्तारी की जाएगी। एटीएस दो पहलुओं पर जांच कर रही है। ऐस कहा जा रहा है कि सिम बॉक्स के जरिए लोकल नंबर से फोन करके खुद को सेना का बड़ा अधिकारी बताकर जानकारी ले रहा था। या फिर कर्मचारियों में से कोई पैसे के बदले में जानकारियां लीक कर रहा था। हालांकि एटीएस के अधिकारियों के मुताबिक दोनों ही सूरतों में जिसने भी गड़बड़ी की होगी उसे जेल जाना होगा।
Updated on:
06 Aug 2017 09:55 am
Published on:
06 Aug 2017 09:12 am
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