
Kapu Protest
विशाखापत्तनम। आंध्र प्रदेश के पूर्व गोदावरी जिले में रविवार को उस समय हिंसा भड़क उठी, जब कापू जाति के हजारों प्रदर्शनकारियों ने एक रेलगाड़ी में आग लगा दी और सड़क जाम कर दिया। पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने पूर्व गोदावरी जिले के तूनी कस्बे में स्थित एक पुलिस थाने को भी आग के हवाले कर दिया। विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम के बीच सभी रेलगाडिय़ां और चेन्नई-कोलकाता राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही रुक गई, क्योंकि हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी रेल पटरियों पर बैठ गए और राजमार्ग जाम कर दिया।
हिंसा लगभग अपराह्न तीन बजे उस समय भड़की, जब कापू राज्य कमेटी की ओर से तूनी में एक विशाल सभा चल रही थी। यह सार्वजनिक सभा कापू जाति को पिछड़े वर्गों की सूची में शामिल करने और उन्हें आरक्षण देने की मांग के पक्ष में आयोजित थी। कापू नेताओं ने घोषणा की कि सरकार जबतक उनकी मांगों के पक्ष में कोई आदेश जारी नहीं कर देती, वे रेल पटरियों और राजमार्गों को खाली नहीं करेंगे।
इसके तत्काल बाद प्रदर्शनकारी रेल पटरी की ओर बढ़े और विशाखापत्तनम-विजयवाड़ा रत्नांचल एक्सप्रेस को तूनी रेलवे स्टेशन के पास रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने रेल इंजन पर हमला बोल दिया और यात्रियों को नीचे उतारने के बाद आठ बोगियों को आग के हवाले कर दिया। रेलवे के एक अधिकारी ने कहा कि घटना में कोई घायल नहीं हुआ है, लेकिन यात्रियों में अफरा-तफरी पैदा हो गई, खासतौर से महिलाओं व बच्चों में।
प्रदर्शनकारियों ने बाद में तूनी रेलवे स्टेशन पर हमला किया और फर्नीचर तोड़ डाले। इस दौरान चार रेल कर्मचारी घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों ने तूनी ग्रामीण पुलिस थाने में भी आग लगा दी। पथराव में पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। हिंसा और रेल पटरियों पर प्रदर्शनकारियों की उपस्थिति के कारण तटीय आंध्र में विभिन्न स्टेशनों पर दर्जनों रेलगाडिय़ां रोक दी गईं।
हालात अनियंत्रित होने पर क्षेत्र में अतिरिक्त बल भेजे गए। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों और शीर्ष अधिकारियों की विजयवाड़ा में आपात बैठक बुलाई। वरिष्ठ कापू नेता एम. पद्मनाभम ने सार्वजनिक सभा में घोषणा की कि वे अब और विलंब बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसके तत्काल बाद हिंसा शुरू हो गई।
पद्मनाभम ने राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए हजारों लोगों की भीड़ को संबोधित करते हुए कहा, जबतक सरकार कोई आदेश जारी नहीं कर देती, हम राजमार्गों और रेल पटरियों से नहीं हटेंगे। कापू नेता तेदेपा द्वारा चुनावी वादे को पूरा न करने को लेकर नाराज हैं। तेदेपा ने कापू जाति को पिछड़े वर्ग की सूची में शामिल करने का चुनाव के दौरान वादा किया था।
Published on:
31 Jan 2016 11:51 pm
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