
Abhishek Singh murder case investigation in satna police Pressure
सतना। आजाक जिला संयोजक अभिषेक सिंह की हत्या के मुख्य आरोपी लोक निर्माण विभाग के अफसर प्रदीप सिंह ने भूमिगत रहते हुए प्लॉट का सौदा कर दिया। दूसरी ओर संपत्ति कुर्क की भनक लगते ही उसने घर के गहने बेचते हुए और बैंक खातों को खाली कर दिया था। चर्चा है कि रीवा के ही एक व्यक्ति की मदद से प्रदीप खुद के बचाव के लिए रकम जुटाने में लगा है। इन सबके बीच पुलिस ने उसकी तलाश करने की कोशिश तो की पर कामयाबी हाथ नहीं लग सकी। अब पुलिस की एक टीम दिल्ली के लिए रवाना की गई है। खबर है कि दिल्ली में प्रदीप का एक खास रिश्तेदार रहता है। उससे प्रदीप ने कुछ दिनों पहले संपर्क बनाया था।
इधर भरोसा, उधर मदद
इस मामले में अब तक की पुलिस कार्रवाई के बाद यह बात सामने आई कि रीवा के ही एक व्यक्ति ने आरोपी प्रदीप को बचाने का ठेका लिया है। उसी ने उसकी संपत्ति ठिकाने लगाते हुए खुद अपना हिस्सा बनाया और प्रदीप को बचा लेने का भरोसा दिया है। इसी व्यक्ति ने कुछ सामाजिक संगठन के लोगों को बहका दिया, जो अब प्रदीप के बचाव के लिए इधर पुलिस को मदद का भरोसा दे रहे हैं उधर असलतौर पर आरोपी के साथ हैं। अगर यही लोग पुलिस को सटीक सूचना देने में मदद करें तो आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचने में देर नहीं लगेगी।
30 लाख का मैनेजमेंट
सूत्रों का कहना है, प्रदीप ने खुद को बचाने के लिए तीस लाख रुपए में रीवा के उसी व्यक्ति से बात कर रखी है, जिसने उसकी संपत्ति ठिकाने लगवाई है। इसमें 15 लाख रुपए उस व्यक्ति के हिस्से आएंगे और बाकी में जमानत के लिए जबलपुर के व्यक्ति से बात की गई है। जिस प्लॉट का सौदा हाल ही में हुआ है वह रीवा में मारुति स्कूल के बीच है। लेकिन खरीददार ने रजिस्ट्री के वक्त ही रकम अदा करने को कहा है। एेसे में पुलिस अब नजर रख रही है।
प्रेशर में सतना पुलिस
मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी न होने से सतना पुलिस प्रेशर में है। जांच टीम से जुड़े सूत्रों का कहना है कि कई बार मुखबिरों ने गलत सूचना देकर गुमराह किया है। सायबर टीम की पहुंच से भी प्रदीप दूर है। बावजूद इसके पुलिस अपने स्तर से प्रदीप तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। एक युवती के बारे में भी पुलिस को कुछ सुराग मिले हैं, जो प्रदीप की करीबी बताई जा रही है।
Published on:
12 Oct 2018 01:26 pm
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