सरकारी नौकरी की उम्र सीमा पार करने से कुछ दिन पहले ही हरमन को रेलवे में नियुक्ति मिली। यदि रेलवे में नौकरी नहीं मिलती, तो ईश्वर ही जानता है कि उसके क्रिकेट कैरियर का क्या होता। अपने एक भाई और एक बहन के बीच सबसे बड़ी हरमनप्रीत कौर को अपने गृह राज्य पंजाब में महिला क्रिकेटर के बतौर कैरियर बनाने में कोई मदद नहीं मिली।