
गौमुख कुण्ड में मरी हजारों मछलियां
चित्तौडग़ढ़. चित्तौडग़ढ़ दुर्ग स्थित गौमुख कुण्ड में सोमवार एवं मंगलवार को सैकड़ों मछलियां मर गई। जिन्हें आज निकाला गया। मछलियां मरने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि जहरीला दाना डालने या पानी दूषित होने से मछलियों की मौत हुई है।
चित्तौडग़ढ़ दुर्ग कोरोना के कारण १७ अप्रेल से पर्र्यटकों के लिए बंद कर दिया गया। ऐसे में करीब दो माह बाद १६ जून को खोला गया। इसके बाद से ही शहर के लोगों एवं पर्यटकों का आना शुरू हो गया। यहां पर सोमवार को अचानक गोमुख कुण्ड में मछलियों का मरना शुरू हो गया और मंगलवार को सुबह हजारों मछलियां मरने के बाद पानी में तैरती नजर आई। मछलियों के मरने का कारण तो पता नहीं चला लेकिन पानी बुरी तरह से दुर्गन्ध मारने लगा है। ऐसे में क्षेत्र के लोगों ने पार्षद अशोक वैष्णव ने अपने स्तर पर गोताखोर को बुलाकर मछलियां को बाहर निकाला।
लोग पानी को कर रहे दूषित
चित्तौडग़ढ़ दुर्ग का गोमुख कुण्ड पर पानी में नहाना एवं साबुन आदि का उपयोग प्रतिबंधित हे लेकिन इसके बाद भी यहां पर केवल इसके चेतावनी बोर्ड ही लगे हुए है। यहां पर लोग साुबन आदि का प्रयोग करता है लेकिन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की ओर से इन्हें रोकने की कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है।
आमल्दा में भी मरी मछलियां
बेगूं उपखण्ड के आमल्दा तालाब में भी सोमवार को सैकड़ो मछलियां मरी हुई मिली थी। जिस पर ग्रामीणों ने जहर डालने का आरोप भी लगाया लेकिन पशु चिकित्सकों का कहना था कि वातावरण में हुए परिवर्तन एवं पानी में ऑक्सीजन की कमी से भी मछलियां मर सकती हैँ।
Published on:
14 Jul 2021 10:46 pm
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