
हवालात से डोडा चूरा मामले में एसओजी ने चित्तौड़ में डाला डेरा
चित्तौडग़ढ़
चित्तौडग़ढ़ जिले के पारसोली थाने की महिला हवालात से डोडा चूरा चोरी होने के एक मामले में आरोपियों को झूठा फंसाने की शिकायत के बाद चल रही जांच को आगे बढाने के लिए एसओजी टीम ने चित्तौडग़ढ़ जिले में डेरा डाल दिया है। एसओजी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में टीम पिछले करीब चार-पांच दिन से चित्तौडग़ढ़ जिले में रहकर इस मामले की जांच कर रही है।
पारसोली थाने में किसी प्रकरण में जब्त किया हुआ डोडा चूरा महिला हवालात में रखकर हथकड़ी लगा रखी थी। २९ जनवरी २०२२ को सुबह ९.३० बजे पुलिस को पता चला कि महिला हवालात में रखा डोडा चूरा चोरी हो गया। मौके पर हथकड़ी टूटी पड़ी होना बताई गई।
पारसेाली थाना पुलिस की ओर से न्यायालय में इस मामले में ३० मार्च २०२२ को पेश की गई चार्जशीट में बताया गया था कि थाने के मालखाना इंचार्ज सत्यप्रकाश ने २८ जनवरी २०२२ को लिखित रिपोर्ट दी कि पारसोली थाने का मालखाना भरा होने के कारण प्रकरण संख्या ५७/२०२१ में जब्त पांच कट्टों में रखा ७२ किलो डोडा चूरा, प्रकरण संख्या १३३/२१ में जब्त पांच कट्टों में रखा ६३ किलो डोडा चूरा व प्रकरण संख्या ७०/२०२१ में जब्त एक कट्टे में भरा १९ किलो डोडा चूरा महिला हवालात में रखकर हथकड़ी लगा दी थी और उसकी चाबी प्रार्थी के पास थी। २९ जनवरी २०२२ को सुबह नौ बजे हेडकांस्टेबल नरेश कुमार ने प्रार्थी को बताया कि महिला हवालात की हथकड़ी टूटी हुई है। प्रार्थी ने देखा तो ७२ किलो डोडा चूरा रखे पांच कट्टे व १९-१९ किलो के तीन कट्टे नहीं मिले। जो अज्ञात व्यक्ति हथकड़ी काटकर चुरा ले गए। जबकि दो कट्टे महिला हवालात में सुरक्षित मिले।
बाद में पुलिस ने इस मामले में मण्डावरी के दिलीप कंजर, गणपत कंजर, शिवलाल कंजर, दुर्योधन कंजर, लखन कंजर, श्यामलाल यादव, तिलोली की झोंपडिय़ां निवासी छीतर गुर्जर आदि को गिरफ्तार किया था।
किसी लोहे की वस्तु को काटने पर आवाज होती है, लेकिन हथकड़ी काटने की आवाज थाने के संतरी ने ही नहीं सुनी। हथकड़ी काटने से मौके पर हथकड़ी के लोहे के कण बिखरे हुए भी नहीं मिले। इसकी फोरेंसिक जांच भी नहीं करवाई गई।
सूत्रों की मानें तो पारसोली थाने से डोडा चूरा चोरी होने से पहले इसी थाना क्षेत्र में दो पिकअप में भरकर ले जाया जा रहा डोडा या बड़ी मात्रा में अफीम लूटने की वारदात भी हुई थी। हालाकि इस संबंध में थाने में किसी ने रिपोर्ट नहीं दी, लेकिन पुलिस ने तस्कर की तस्दीक कर ली थी।
परिवाद के बाद पुलिस कर्मियों में मची हुई है खलबली
इस मामले में आरोपी छीतर गुर्जर के बड़े भाई बहादुर गुर्जर ने पुलिस के खिलाफ परिवाद किया कि उसके भाई को झूठा फंसाया गया है। इसके बाद क्षेत्रीय विधायक राजेन्द्रसिंह विधूड़ी ने भी मुख्यमंत्री और डीजीपी से शिकायत की कि एक पुलिस उप निरीक्षक की मिलीभगत से पारसोली थाने से डोडा चूरा चोरी करवाया गया और निर्दोष लोगों को फंसा दिया गया है। इसके बाद मामले की जांच एसओजी को सौंप दी गई थी। एसओजी की टीम तब से कई बार जांच के लिए चित्तौडग़ढ़ आ चुकी है। पिछले चार-पांच दिन से एसओजी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में टीम चित्तौडग़ढ़ जिले में डेरा डाले हुए हैं। पता चला है कि इस मामले में गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपियों के बायान भी एसओजी टीम ने दर्ज किए हैं। कुछ आरोपियों के बयानों में पारसोली थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी संजय गुर्जर का नाम आने की बात भी सुर्खियों में है, लेकिन एसओजी ने अब तक कोई खुलासा नहीं किया है। पता चला है कि एसओजी की जांच शुरू होने के बाद कुछ पुलिस कर्मियों के भी चेहरे लटके हुए हैं।
Published on:
20 Jul 2022 10:12 pm
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