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छिंदवाड़ा/ बेमौसम बारिश के बावजूद तेंदुपत्ता इस बार वनवासियों की झोली भर गया। छिंदवाड़ा वनवृत्त के तीन डिविजन में 44 हजार मानक बोरा के विरुद्ध 43835 मानक बोरा करीब 99.62 फीसदी तेंदुपत्ता संग्रहित हुआ है। इसके लिए वन विभाग द्वारा मजदूरों को पांच करोड़ रुपए से अधिक मजदूरी का भुगतान किया गया है।
इस बार के तेंदुपत्ता सीजन को देखा जाए तो मार्च में बेमौसम बारिश और देशव्यापी लॉकडाउन के चलते जंगलों में तेंदुपत्ता का शाखकर्तन नहीं हो पाया। फिर अप्रैल और मई में भी वर्षा का सिलसिला जारी रहा। इसके चलते तेंदुपत्ता की तुड़ाई 15 मई के बाद ही शुरू हो सकी। इस तेंदुपत्ता से 31 हजार वनवासी परिवार जुड़े हैं। मौसम के उतार-चढ़ाव को देखते हुए वन विभाग द्वारा तेंदुपत्ता का लक्ष्य 70 हजार मानक बोरा से घटाकर 44 हजार मानक बोरा पर सीमित कर दिया गया। सूरज की चिलचिलाती धूप लगातार पड़ती तो वनवासियों को ज्यादा मजदूरी मिलती। फिलहाल एक जून को समाप्त तेंदुपत्ता सीजन में लक्ष्य पूरा हो गया है। शासन द्वारा निर्धारित 2500 रुपए प्रति हजार तेंदुपत्ता की मजदूरी मिलने से वनवासी खुश है। कोरोना संकटकाल में यह मजदूरी उनके बारिश के चार माह के भोजन का इंतजाम करेगी।
पश्चिम वनमण्डल के डीएफओ आलोक पाठक और पूर्व के निवृत्तमान डीएफओ एसएस उद्दे का कहना है कि तेंदुपत्ता वनवासियों की आय का जरिया है। उनके वनमंडल में अलग-अलग मजदूरी का भुगतान किया गया है। दक्षिण वनमण्डल के सिल्लेवाली एसडीओ बीआर सिरसाम ने भी मंडल में लक्ष्य पूरा होने के साथ मजदूरी भुगतान की बात कही है।
तीन मण्डल में निर्धारित लक्ष्य और पूर्ति
पूर्व वनमण्डल
लक्ष्य: 14500 मानक बोरा
पूर्ति: 13200 मानक बोरा
पश्चिम वनमण्डल
लक्ष्य: 15000 मानक बोरा
पूर्ति: 16278 मानक बोरा
दक्षिण वनमण्डल
लक्ष्य: 14500 मानक बोरा
पूर्ति: 14357 मानक बोरा
Published on:
03 Jun 2020 06:07 pm
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