पारंगत वृद्धजन स्वेच्छा से बनाएंगे दीप बाती, पेपर बैग, पापड़ और अगरबत्ती, वृद्धाश्रम की खाली जगह में होगी बागबानी एवं फूलों की खेती
छिंदवाड़ा शहर के गोधुलि वृद्धाश्रम को अब मध्यप्रदेश का मॉडल वृद्धाश्रम बनाने की पहल हो रही है। विभिन्न कार्यों में पारंगत वृद्धजन स्वेच्छा से दीप बाती, पेपर बैग, पापड़ और अगरबत्ती बनाएंगे। वहीं वृद्धाश्रम की खाली जगह में बागवानी एवं फूलों की खेती होगी।
महापौर विक्रम अहके शुक्रवार सुबह गोधुलि वृद्धाश्रम में बुजुर्गजनों का कुशलक्षेम जानने पहुंचे। वहां की साफ सफाई का जायजा लिया। वृद्धजनों से बात करते हुए पाया कि कुछ लोग विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर चुके हैं। अब वृद्धाश्रम में आकर शांति से अपना आगे का जीवन यापन कर रहे हैं। उनमें स्वेच्छा से दिन में कुछ कार्य करने की चाहत है, ताकि शारीरिक रूप से भी स्वस्थ रहें एवं अपने कार्य में व्यस्त रहें। महापौर ने सभी बुजुर्गों के आग्रह पर दीप बाती, अगरबत्ती, पेपर बैग जैसे कार्य के लिए यथास्थान पर व्यवस्था बनवाने की बात कही। साथ ही आश्रम में स्थित खाली जगह पर बागवानी एवं फूलों की खेती करने को कहा। सभी ने इसके लिए महापौर को आशीर्वाद दिया। इस अनूठी पहल में जनभागीदारी के साथ भी कार्य किया जाएगा। इधर, महापौर विक्रम अहके ने वार्ड क्रमांक 47 के साहू मोहल्ला में पहुंचकर वार्ड वासियों से मुलाकात की और स्थानीय कार्यों को लेकर चर्चा की। सभी का कुशलक्षेम जाना।
वृद्धाश्रम में बनाए गए उत्पादों का विक्रय भी स्थानीय संचालक समिति करेगी। प्रतिदिन आने वाले आगंतुक जन सेवा भाव से उन उत्पादों को खरीद सकेंगे। इसका फायदा निश्चित रूप से वृद्धाश्रम को भी होगा। यहां सकारात्मक भाव के साथ सभी लोग मिलजुल कर अपना जीवन यापन कर सकेंगे। इस दौरान साथ में उपयंत्री सचिन पाटिल, जोनल अधिकारी सुनील मालवीय, आश्रम संचालक चौरिया, कपाले आदि उपस्थित हुए।