
Chhindwara railway: साढ़े तीन फीट ऊंची बोगी में कैसे चढ़े यात्री...
छिंदवाड़ा. इतवारी से छिंदवाड़ा एवं नैनपुर तक हुए गेज परिवर्तन कार्यों में हुई लापरवाही का खामियाजा अब यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। इतवारी से नैनपुर के बीच अधिकतर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म छोटे बनने से रीवा-इतवारी एक्सप्रेस ट्रेन की 24 में से दो से तीन बोगी प्लेटफॉर्म से बाहर खड़ी हो रही हैं। यह समस्या अब भी बरकरार है। यात्रियों को मजबूरी में साढ़े तीन फीट से अधिक ऊंची बोगियों पर चढऩे के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। यात्रियों का कहना है कि रेलवे को इस पर ध्यान देना चाहिए। बुजुर्ग, महिलाओं एवं बच्चों को बोगी में चढऩे में सबसे अधिक दिक्कत हो रही है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। रेलवे को चाहिए कि वह जल्द से जल्द प्लेटफॉर्म में सुधार कार्य कराए। वहीं जीआरपी थाना के आगे पैदल पार पथ बना हुआ है। जहां रीवा-इतवारी एक्सप्रेस की बोगी खड़ी रहती है। प्लेटफॉर्म नंबर-एक से दो पर या फिर एक नंबर से प्लेटफॉर्म नंबर-दो पर जाने के लिए यात्रियों को बोगी पर चढऩा पड़ रहा है या फिर आगे बढकऱ रेलवे पटरी पार करना पड़ रहा है। इससे यात्रियों की जान पर बन आ रही है। ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ एवं जीआरपी भी इन्हें नियम तोडऩे से रोक नहीं पा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इतवारी से नैनपुर के बीच रामाकोना, सौंसर, छिंदवाड़ा, चौरई, सिवनी सहित अन्य स्टेशन की लंबाई 540 मीटर बनाई गई है, जबकि जरूरत 600 मीटर लंबे प्लेटफॉर्म की है। छिंदवाड़ा से चल रही पातालकोट एक्सप्रेस एवं पेंचवैली एक्सप्रेस में 18 से 20 बोगी ही लगी रहती है। रीवा-इतवारी एक्सप्रेस ट्रेन में 24 बोगियां हैं।
रेल अधिकारियों ने मानी थी गलती
इस बड़ी लापरवाही का खुलासा पत्रिका ने 1 मई 2023 को किया था। अधिकारियों का ध्यान भी दिलाया था। रेलवे अधिकारियों ने गलती मानी और जल्द से जल्द सुधार करने की बात कही थी। रेलवे ने सर्वे भी किया, लेकिन इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
26 अप्रेल 2023 को मिली थी सौगात
छिंदवाड़ा से नैनपुर तक ब्राडगेज रेलमार्ग कार्य पूरा होने के बाद छिंदवाड़ावासियों को अन्य ट्रेनों के साथ 26 अप्रेल 2023 को इतवारी-रीवा एक्सप्रेस की भी सौगात मिली। यह ट्रेन हफ्ते में चार दिन रीवा से इतवारी एवं इतवारी से रीवा वाया छिंदवाड़ा चलाई जा रही है। इसे ट्रेन के परिचालन से सबसे बड़ा फायदा शाम को 5 बजे के बाद नागपुर से छिंदवाड़ा आने वाले लोगों को भी मिल रहा है।
ब्रांच लाइन के हिसाब से किया काम
पत्रिका ने जब स्थानीय रेल अधिकारियों से बात की तो उनका कहना था कि
प्लेटफॉर्म ब्रांच लाइन के हिसाब से बनाई गई हैं। मेन लाइन का मतलब ऐसे लाइन से है जहां ज्यादा संख्या में ट्रेनों का परिचालन होता है। मुंबई-हावड़ा, चेन्नई-दिल्ली, मुंबई-जबलपुर सहित अन्य रेलमार्ग मेन लाइन में आते हैं। वहीं ब्रांच लाइन का मतलब है जहां कम संख्या में ट्रेनों का परिचालन होता है।
हालांकि भविष्य को ध्यान में रखते हुए इतवारी से छिंदवाड़ा एवं नैनपुर के बीच रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म भी मेन लाइन के अनुसार बनाना चाहिए था। पातालकोट एक्सप्रेस एवं पेंचवैली एक्सप्रेस में 20 से कम बोगी होती है। ऐसे में अब तक समस्या नहीं आई थी।
ट्रेनों की संख्या बढ़ी तो होगी परेशानी
भविष्य में नागपुर से वाया छिंदवाड़ा कई ट्रेनों के परिचालन की बात सामने आ रही है। इन ट्रेनों में बोगियों की संख्या 22 से अधिक है। प्लेटफॉर्म की लंबाई नहीं बढ़ाई गई तो आने वाले समय में समस्या और गहरी होगी।
Published on:
15 Jun 2023 07:03 pm
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