
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हटवारा छतरपुर
जिले में प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर शिक्षा विभाग नए-नए प्रयोग कर रहा है। स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने ओर निजी स्कूलों को पीछे छोडऩे के लिए अब राज्य शिक्षा केंद्र ने सरकारी स्कूलों में नर्सरी, केजी-1 व केजी-2 की कक्षाएं शुरु करने का निर्णय लिया है। इसके लिए छतरपुर जिले के 54 स्कूलों में 15 जून से नर्सरी, केजी-1 और केजी-2 की कक्षाएं शुरु की जाना है। इसी सत्र से बच्चों के एडमिशन होंगे। योजना के तहत ज्यादातर स्कूल ग्रामीण अंचल में चिंहित किए गए हैं।
दरअसल अभिभावक बच्चों को निजी स्कूल की नर्सरी कक्षा में एडमिशन दिला देते हैं। इसके बाद कक्षा 1 में आते-आते अभिभावक अपने बच्चों का नाम निजी स्कूलों से कटवाकर सरकारी स्कूल में लिखवाने को तैयार नहीं होते हैं। इस कारण सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या कम हो रही है। ऐसे में राज्य शिक्षा केंद्र ने अब निजी स्कूलों की तर्ज पर ही सरकारी स्कूलों में भी नर्सरी, केजी-1 और केजी- 2 कक्षाएं शुरु करने का निर्णय लिया है। इसके लिए प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर को पत्र भेजकर सूची में दिए गए स्कूलों में की ये कक्षाएं शुरु करने के निर्देश दिए हैं।
चयनित स्कूलों को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। नर्सरी और केजी-1, केजी-2 के लिए अलग से कक्षाएं होंगी। उन कक्षाओं में चित्रकारी सहित बच्चों की गतिविधियों का लेख होगा। इनके लिए अलग से शिक्षक लगाए जाएंगे। कक्षों में बच्चों के लिए रैंप, शौचालय आदि की व्यवस्थाएं भी बेहतर होंगी। शासन के जो दिशा-निर्देश मिले हैं, उनका पालन किया जाएगा। उक्त चयनित स्कूलों के अभी कोई ऊपर से बजट नहीं आया है, लेकिन अभी जो संसाधान अभी उन्हीं से संचालन होगा। सत्र शुरु होने तक बजट मिलने की संभावना है, इससे और विस्तार किया जाएगा।
जिले के छतरपुर ब्लाक के सर्वाधिक स्कूलों का चयन किया गया है जिनमें अचट्ट, कदारी, कुर्रा, पठापुर, बनगांय, बरद्वाहा, नैगुवां, बंधी कलां, धमौरा, एमएलबी छतरपुर, हटवारा, सुकवां के अलावा बड़ामलहरा ब्लाक के 9, बारीगढ़ ब्लाक के 3, बिजावर ब्लाक के 7, बकस्वाहा ब्लाक के 3, लवकुशनगर ब्लाक के 5, नौगांव ब्लाक के 7 एवं राजनगर ब्लाक के 8 सरकारी स्कूलों में भी प्री प्राइमरी के तहत नर्सरी मे प्रवेश दिए जाएंगे।
स्कूल शिक्षा विभाग का प्लान है कि सरकारी स्कूलों से अधिक से अधिक बच्चों को जोड़ा जाए। ऐसे में नर्सरी के बच्चों को स्कूल लाया जाएगा तो वह आगे की कक्षा में भी सरकारी स्कूलों में ही पढ़ेंगे। नर्सरी में पढऩे वाले बच्चे अक्षर ज्ञान हासिल करेंगे। पहली कक्षा तक आते-आते,दो-तीन अक्षर वाले शब्द लिखने और पहचानने लगेंगे। ऐसे में बच्चों को आगे की शिक्षा की राह आसान होगी, शिक्षा का स्तर भी सुधरेगा।
चयनित 54 स्कूलों में तैयारियां की गई। इनमें ग्रामीण व कुछ शहरी इलाके में हैं। मौजूदा संसाधनों से शुरूआत होगी फिर सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।
सुशील द्विवेदी, एपीसी, अकादमिक
Published on:
08 Apr 2025 10:31 am
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