अटल भूजल योजना के तहत छतरपुर जिले के तीन विकासखंडों राजनगर, छतरपुर और नौगांव की कुल 263 ग्राम पंचायतों को लाभ मिलेगा। इस योजना के तहत जिले में कुल 12 करोड़ 20 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें 8 करोड़ 72 लाख रुपए अटल भूजल योजना से और 3 करोड़ 47 लाख 83 हजार रुपए मनरेगा कन्वरजेंस के तहत दिए गए हैं।
अटल भूजल योजना के तहत छतरपुर जिले के तीन विकासखंडों राजनगर, छतरपुर और नौगांव की कुल 263 ग्राम पंचायतों को लाभ मिलेगा। इस योजना के तहत जिले में कुल 12 करोड़ 20 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें 8 करोड़ 72 लाख रुपए अटल भूजल योजना से और 3 करोड़ 47 लाख 83 हजार रुपए मनरेगा कन्वरजेंस के तहत दिए गए हैं। इस राशि का उपयोग इन गांवों में जल संरक्षण और भूजल प्रबंधन सुधार की दिशा में किया जाएगा। इन ग्राम पंचायतों का चयन केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार किया गया है, खासकर उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है जहां जल संकट या पानी की कमी की समस्या अधिक है।
राजनगर विकासखंड की ग्राम पंचायत गोमाखुर्द के दो स्थानों, गुजा बेहर और कुसुम बैहर, और ग्राम पंचायत नहदौरा में सिद्धबाबा, ग्राम पंचायत राजगढ़ आरईएस के कजलाया, ग्राम पंचायत राजगढ़ की श्वेसर मंदिर, ग्राम पंचायत सांदनी और ग्राम पंचायत पीरा की चंदेलकालीन बावड़ी का जीर्णोद्धार कार्य प्रगति पर है। वहीं, ग्राम पंचायत इमलिया की खेरे की बेहर बावड़ी के जीर्णोद्धार का कार्य अभी शुरू नहीं हो पाया है। इसके अलावा, छतरपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत टेरी खीर महेरी तालाब निर्माण के कार्य भी प्रगति पर है। ग्राम पंचायत पिड़पा में चंदेलकालीन बावड़ी के जीर्णोद्धार का कार्य भी चल रहा है, और ग्राम पंचायत द्वा में ककरदा के कार्य की प्रगति की निगरानी की जा रही है।
बिजावर विकासखंड के 12 ग्रामों में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के तहत जल संरक्षण और जल संवर्धन के कार्य किए जा रहे हैं। इन योजनाओं से जल संकट को दूर करने और किसानों के लिए जल प्रबंधन को सुधारने का उद्देश्य है।
भोपाल राज्य विधानसभा में हाल ही में पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने विधायक राजेश कुमार शुक्ला को जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने अटल भूजल योजना के तहत कोई नए क्षेत्रों के विस्तार के लिए अभी कोई प्रस्ताव नहीं भेजा है। हालांकि, छतरपुर जिले में जल संकट से निपटने और भूजल प्रबंधन सुधार के लिए अटल भूजल योजना को एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की स्थिति में सुधार करेगा।
अटल भूजल योजना के तहत छतरपुर जिले में जल प्रबंधन की दिशा में किए जा रहे कार्यों से यहां के ग्रामीण इलाकों में जल संकट को कम करने और पानी के संरक्षण के लिए एक मजबूत पहल हो रही है। चंदेलकालीन बावड़ी के जीर्णोद्धार और जल संचयन की परियोजनाओं से न केवल जल संकट में कमी आएगी, बल्कि ऐतिहासिक धरोहरों की भी रक्षा होगी। यह योजना जिले के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी, जिससे आने वाले समय में लोगों को जल की कमी से राहत मिल सकती है।