
शोभायात्रा
श्रीराम नवमी के अवसर पर शोभायात्रा इस वर्ष दोगुने उत्साह के साथ निकली। 42 डिग्री तापमान व गर्म हवाओं के बावजूद शोभायात्रा में शामिल हजारों श्रद्धालुओं का उत्साह ठंडा नहीं पड़ा। गल्लामण्डी के रामचरित मानस मैदान में जन्म की लीला का मंचन होने के उपरांत लगभग दोपहर एक बजे प्रारंभ हुई भगवान राम की यह शोभायात्रा देर शाम वापस रामलीला मैदान पहुंची। पूरे दिन शहर की सडक़ें शोभायात्रा के उत्साह में रंगी नजर आई लोगों ने बाजार बंद कर उत्साह से इस पर्व में हिस्सा लिया।
विगत वर्षों की परंपरा के अनुसार रामनवमी महोत्सव दोपहर 12 बजे रामचरित मानस मैदान के रामलीला मंच पर प्रारंभ हो गया था। श्री अन्नपूर्णा रामलीला के 50 से अधिक कलाकारों और संगीत मंडली ने लगभग एक घंटे तक भगवान राम के जन्म की लीला का मंचन किया। अभिनय के माध्यम से बताया गया कि किस तरह धरती पर रावण के अत्याचार के बढऩे के बाद विष्णु के अवतार भगवान राम ने पाप के नाश के लिए जन्म लिया था। इस अवसर पर कलाकारों द्वारा रामजन्म की बधाई गाकर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया गया।
शोभायात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण रहा प्रताप नवयुवक संघ द्वारा 1100 कलाकारों के माध्यम से तैयार किया गया युद्ध शैली का भारतीय पारंपरिक नृत्य। इस नृत्य प्रस्तुति में छतरपुर सहित खजुराहो के कई कलाकारों ने हिस्सा लिया। इन कलाकारों ने मराठी और पंजाबी वेशभूषा में अपने नृत्य की प्रस्तुति दी। कलाकारों के हाथ में ढाल, तलवार और युद्ध के औजार मौजूद थे जिससे यह नृत्य अत्यधिक आकर्षक लग रहा था। शोभायात्रा में बुन्देली संस्कृति की झलक देखने को मिली। इसके साथ ही भगवान 10 अवतारों की झांकियां और उनकी लीलाएं शोभायात्रा के दौरान आकर्षण का केन्द्र रहेंगी। सबसे आगे विघ्नहर्ता श्रीगणेश की झांकी और उनके ठीक पीछे धर्मध्वज चला। बुन्देली संस्कृति के अनुरूप मौनिया, बरेदी नृत्य की प्रस्तुती भी देखने को मिली। विभिन्न चौराहों पर मंच बनाए गए हैं, जहां प्रस्तुतियां और महाआरती की गई।
शोभायात्रा के दौरान छतरपुर के मलखंभ खिलाडिय़ों ने भी पहली बार अपनी शानदार प्रस्तुति देकर लोगों को हैरत में डाल दिया। एक ट्रक में नीली टीशर्ट और काले पैंट के साथ मौजूद लगभग 50 खिलाडिय़ों ने कई स्थानों पर इसी ट्रक के बीच में लगे मलखंभ पर अनूठे करतब दिखाए। चलते ट्रक पर इन करतब को देखकर लोगों ने दांतों तले उंगलियां दबा लीं। दल के द्वारा सबसे आकर्षक प्रस्तुति छत्रसाल चौक पर दी गई।
लगभग तीन किमी लंबी इस शोभायात्रा में भगवान राम के दरबार सहित लगभग 30 झांकियां मौजूद रहीं। शोभायात्रा का नेतृत्व लाल बाग के राजा भगवान गजानन ने किया। तदोपरांत घोड़े और रथों पर चलते भगवान के स्वरूप व शोभायात्रा में विभिन्न समाजों के द्वारा महापुरूषों की झांकियां भी सम्मिलित की गईं। शोभायात्रा के सबसे आखिर में राम दरबार का आकर्षक रथ चल रहा था। जिसे इस वर्ष अयोध्या के रामलला मंदिर की तर्ज पर सजाया गया था। दरबार के आगे श्रीराम सेवा समिति के सदस्यों एवं जनप्रतिनिधियों ने झाडू लगाकर एवं रथ को खींचकर भक्तिभाव प्रकट किया। इसके अलावा ब्रहकुमारी बहनों के द्वारा भी अनूठी झांकी निकाली गई। भगवान लड्डू गोपाल की झांकी भी पहली बार शोभायात्रा में शामिल हुई, यह झांकी प्रभु श्रीराम के रथ के आगे चल रही थी।
जन्म की लीला के पश्चात प्रभु के बाल स्वरूप की महा आरती एवं नगर वासियों को बधाई के उपरांत श्रीराम सेवा समिति के तत्वावधान में विशाल शोभायात्रा का शुभारंभ श्रीराम चरित मानस प्रांगण से होगा जो गांधी चौक बाजार, महल रोड, छत्रसाल चौक, आकाशवाणी तिराहा, बस स्टैंड, मऊ दरवाजा, हटवारा होते हुए गांधी चौक बाजार स्थित श्रीराम दरबार पहुंची। जहां पर दिव्य राम रथ की महाआरती के साथ शोभायात्रा का समापन किया गया।
शोभायात्रा में राम भक्तों का उत्साह ठण्डा न पड़े इसलिए शोभायात्रा के पूरे मार्ग पर इनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। रामभक्तों पर पुष्पवर्षा कराई गई। जगह-जगह लोगों को ठण्डा शरबत पिलाया गया। संपूर्ण मार्ग में राजनीतिक, सामाजिक और व्यापारिक संस्थाओं के द्वारा लगभग 100 स्थानों पर स्वल्पाहार, पानी, शरबत आदि पिलाकर रामभक्तों का स्वागत किया गया। नगरपालिका के टैंकर पूरे रास्ते में सडक़ पर पानी की बौछार करते रहे ताकि सडक़ की गर्मी से परेशानी न हो।
रामनवमी के इस बड़े आयोजन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। डीआईजी ललित शाक्यवार ने स्वयं सीसीटीवी कंट्रोल रूम से शोभायात्रा की निगरानी की और शहर में सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह सुनिश्चित किया गया। वहीं पुलिस अधीक्षक अगम जैन के नेतृत्व में पुलिस बल, होमगार्ड, विद्यार्थी परिषद के वॉलंटियर्स और समिति सदस्यों की सक्रिय भागीदारी से यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रही।
Published on:
07 Apr 2025 10:36 am
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