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video-मंगला भट्ट तथा कविता द्विवेदी के ओडिसी नृत्य से गिरा उांस फेस्टिवल का पर्दा

खजुराहो नृत्य समारोह का समापन :-

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खजुराहो। विश्व पर्यटन नगरी खजुराहो में चल रहे भारतीय शास्त्रीय नृत्यों के कार्यक्रम खजुराहो डांस फेस्टिवल का समापन मंगलवार की रात हो गया। अंतिम दिन की शाम मंगला भट्ट और कविता द्विवेदी के ओडिसी नृत्य के नाम रही।
धरती के शिल्पलोक तथा विश्व पर्यटन स्थल खजुराहो के चंदेलकालीन मंदिरों की छाया में बने मुक्ताकाशी मंच पर मप्र शासन संस्कृति विभाग के उस्ताद अलाउद्दीन खॉ संगीत एवं कला अकादमी और मप्रसंस्कृति परिषद् द्वारा डांस फेस्टिवल का आयोजन किया गया।
नृत्य समारोह के अंतिम दिवस की शुरुआत दिल्ली की स्निग्धा वेंकटरमणि के भरतनाट्यम नृत्य से हुई जिसमें स्निग्धा ने सूर्याष्टकम प्रस्तुति में भगवान सूर्य के तीनों समयों में तेज का वर्णन किया से करके सभी का मन मोह लिया। साथ ही दूसरी अष्टपति नृत्य पर राधा का गोपियों के कृष्ण के प्रति लगाव पर ईष्र्या का वर्णन किया इसके बाद तीसरी प्रस्तुति में तिलाना नृत्य में भगवान श्री हनुमान के विभिन्न रूपों का वर्णन किया।
इसके बाद दूसरी प्रस्तुति कोलकाता की नृत्यांगना बिम्बावती देवी एवं साथियों ने मणिपुरी समूह नृत्य प्रस्तुत कर कला श्रोताओं को मन्त्र मुग्ध कर दिया। इस प्रस्तुति में लय, ताल के बीच नृत्य की जुगलबंदी ने लोगों को सजीव चित्रण का प्रतिबिंब अनुभव कराया। अंतिम शाम की तीसरी प्रस्तुति हैदराबाद की मंगला भट्ट तथा दिल्ली की कविता द्विवेदी के कत्थक तथा ओडिसी युगल नृत्य की हुई। इन प्रस्तुतियों में कलाकारेां ने कलाप्रेमियों की तालियां बटोरी और इसी नृत्य से खजुराहो नृत्य समारोह का पर्दा गिरा।
45 वें भारतीय शास्त्रीय नृत्य विधाओं पर आधारित खजुराहो नृत्य महोत्सव में भारतीय संस्कृति के सातों रंग बिखरे रहे। जिनका आनंद जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक और कलाप्रेमियों ने लिया। अंतिम शाम समारोह में प्रस्तुति देने वाले नृत्यकार तथा नृत्यांगनाओं तथा साथी कलाकारोंं का स्वागत करते हुए सभी का आभार कला अकादमी के निदेशक,राहुल रस्तोगी तथा कार्यक्रम अधिकारीआदेश धूरिया द्वारा व्यक्त किया गया।
वहीं आयोजन प्रांगण में स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश के पर्यटकों के लिए देशज कला परंपरा का मेला “हुनर” के साथ बुन्देली व्यंजन का स्टॉल अंतिम दिन भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा।