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खजुराहो रेलवे स्टेशन की चौथे श्रेणी से तीसरे पर आया,क्लास में सुधार से यात्री सुविधाएं बढेंगी

रेलवे स्टेशन खजुराहो को रेल प्रशासन द्वारा रैंकिंग में उन्नत कर चौथे से तीसरी श्रेणी में शामिल किया गया है। छतरपुर जिले के सभी स्टेशनों में केवल खजुराहो ही एक मात्र स्टेशन है, जिसकी ग्रेड में सुधार आया है।

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khajuraho railway station

खजुराहो रेलवे स्टेशन

रेलवे स्टेशन खजुराहो को रेल प्रशासन द्वारा रैंकिंग में उन्नत कर चौथे से तीसरी श्रेणी में शामिल किया गया है। छतरपुर जिले के सभी स्टेशनों में केवल खजुराहो ही एक मात्र स्टेशन है, जिसकी ग्रेड में सुधार आया है। यह बदलाव खजुराहो स्टेशन के विकास और यात्री सुविधाओं के मामलों में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खजुराहो रेलवे स्टेशन का एनएसजी-3 श्रेणी में उन्नति, स्थानीय यात्रियों और पर्यटकों के लिए एक सकारात्मक कदम है। अब इस स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, जो कि खजुराहो के पर्यटन स्थल के साथ-साथ पूरे क्षेत्र की साख को भी ऊंचा करेगी। क्योंकि रेल प्रशासन ने सभी स्टेशनों को यात्री सुविधा और आय की दृष्टि से अलग-अलग श्रेणियों में बांटा है और इन श्रेणियों के आधार पर प्रत्येक स्टेशन के विकास और यात्री सुविधाओं में वृद्धि की योजना बनाई जाती है।

इन स्टेशनों की ग्रेड सुधरी


खजुराहो, चित्रकूट धाम कर्वी, ललितपुर और महोबा स्टेशन एनएसजी-4 श्रेणी से उच्चीकृत होकर एनएसजी-3 श्रेणी में शामिल हो गए हैं। वहीं, बांदा और मुरैना स्टेशन पहले से ही एनएसजी-3 श्रेणी में थे। इसके अलावा, दतिया, उरई और डबरा जैसे स्टेशन अब एनएसजी-4 श्रेणी में रखे गए हैं, जबकि मऊरानीपुर, बबीना, तालबेहट और कालपी को एनएसजी-5 श्रेणी में रखा गया है।

डीआरएम मुख्यालय झांसी रेलवे स्टेशन का उन्नयन नहीं हो सका


हालांकि, झांसी रेलवे स्टेशन को इस रैंकिंग में कोई उन्नति नहीं मिली और वह एनएसजी-2 श्रेणी में ही बना रहा। झांसी का स्टेशन एनएसजी-2 श्रेणी में था, और रेलवे बोर्ड द्वारा हाल ही में जारी रैंकिंग में भी इसे इस श्रेणी में रखा गया। यह निराशाजनक है, क्योंकि झांसी स्टेशन की रैंकिंग में सुधार न हो पाने का मुख्य कारण जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही मानी जा रही है। झांसी स्टेशन पर यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं में निरंतर कमी आ रही है, जिससे स्टेशन के उन्नयन की संभावना पर भी असर पड़ा है।

एनएसजी श्रेणियों का महत्व


रिलायंस और यात्री संख्या के आधार पर रेलवे बोर्ड द्वारा स्टेशनों की श्रेणियों का निर्धारण किया जाता है। स्टेशनों को एनएसजी (नॉन सबर्बन ग्रेड), एसजी (सबर्बन ग्रेड), और एचजी (हॉल्ट ग्रेड) श्रेणियों में बांटा जाता है, जिसमें एनएसजी श्रेणी को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इस श्रेणी को 1 से लेकर 6 तक विभाजित किया जाता है, और प्रत्येक श्रेणी के आधार पर रेलवे बोर्ड स्टेशनों के विकास और यात्री सुविधाओं में सुधार की योजना तैयार करता है।

खजुराहो स्टेशन के लिए विकास के नए रास्ते


खजुराहो रेलवे स्टेशन की श्रेणी में यह सुधार क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। तीसरी श्रेणी में आते ही खजुराहो में यात्री सुविधाओं का विस्तार होगा, और स्टेशन पर सुविधाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए नई योजनाओं पर काम किया जाएगा। खजुराहो, जो एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, वहां के यात्रियों के लिए यह बदलाव काफी लाभकारी साबित हो सकता है।

मंडल के जनसंपर्क अधिकारी का बयान

मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने इस सुधार पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सभी स्टेशनों को यात्री सुविधा और आय की दृष्टि से अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है। इस रैंकिंग के आधार पर, हर स्टेशन को अपनी श्रेणी में बेहतर यात्री सुविधाएं और विकास प्रदान करने की योजना तैयार की जाती है। खजुराहो स्टेशन को एनएसजी-3 श्रेणी में शामिल किए जाने से यहां यात्री सुविधाओं में वृद्धि होगी और विकास की दिशा में एक नई राह खुली है।