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छतरपुर

सरकारी गोदामों रखी अमानक खाद की हुई मार्किंग, प्राइवेट को छोड़ा

निजी विक्रेताओं के पास रखी अमानक खाद की नहीं की मार्किंगमार्किंग न होने से अमानक खाद का बचा हुआ स्टॉक बिकने की आशंका

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छतरपुर। जिले में अमानक 2521 टन डीएपी खेतों में खपने के बाद सैंपल फेल होने की रिपोर्ट आने के मामले में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने सरकारी गोदाम के स्टॉक की सोमवार को मार्किंग की गई। विभाग के अधिकारी सरकारी स्टॉक की मार्किंग करके अपने कर्तव्य की इतिश्री कर रहे हैं, जबकि निजी विक्रेताओं के गोदाम में रखी अमानक खाद की बिक्री रोकने के लिए उसकी मॉर्किंग नहीं की गई है। न ही निजी विक्रेताओं से उनके द्वारा बेची गई अमानक खाद का ब्यौरा मांगा गया है। ऐसे में निजी विक्रेता ओं द्वारा अमानक खाद किस-किस को बेची गई, उसकी जानकारी सामने नहीं आ पा रही है। इसके अलावा बचा हुआ स्टॉक भी मार्किंग ने होने से किसानों को बेचे जाने की आशंका बनी हुई है। इतना ही नहीं किसानों को अमानक खाद बिकने से रोकने में नाकामयाब रहे विभाग ने किसानों की क्षतिपूर्ति के मुद्दे पर मौन साध लिया है।
16 दिन बाद भेजा सैंपल
18 अक्टूबर को डीएपी की 2600 टन की रैक से कृषि विभाग ने सैंपल तो ले लिया, लेकिन उप-संचालक कृषि कार्यालय से सैंपल जांच के लिए 2 नवंबर को उज्जैन की प्रयोगशाला में भेजा गया। 16 दिन तक सैंपल जिले में ही पड़ा रहा और अमानक खाद की बिक्री होती रही। इस वजह से डीएपी खाद बिकने के बाद ही सैंपल रिपोर्ट आई। विभाग ने सैंपल भेजने में देरी की और रिपोर्ट आने तक खाद की बिक्री रोकी नहीं। जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ेगा।
डबल लॉक गोदाम में हुई मार्किंग
सोमवार को वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी एसके मिश्रा सोमवार को हरपालपुर के विपणन संघ के डबल लॉक गोदाम पहुंचे और वहां रखी 25 टन अमानक डीएपी की मार्किंग की। लेकिन न तो हरपालपुर और न ही छतरपुर के निजी विक्रेताओं के गोदाम में रखी अमानक डीएपी की मार्किंग की गई। जिले में अभी भी 78 टन अमानक डीएपी का स्टॉक है, लेकिन केवल 25 टन की ही मार्किंग की गई है।
भाजपा ने लगाए गंभीर आरोप
हरपालपुर भाजपा मंडल के नए अध्यक्ष जीतेन्द्र रिछारिया ने गंभीर आरोप लगाए हैं। रिछारिया का कहना है कि प्रशासनिक अमला निरंकुश हो गया है। किसानों के दर्द से किसी को कोई सरोकार नहीं है। जबकि कांग्रेस किसानों के मुद्दे पर ही सत्ता में आई थी। लेकिन न ही कांग्रेस के नेता और न प्रशासन के अधिकारी किसानों के हितों का ख्याल रख रहे हैं। अमानक खाद खेतों में खपने के बाद किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
विधायक ने कहा- कृषि मंत्री से करेंगे शिकायत
महाराजपुर विधायक नीरज दीक्षित ने इस मामले में सख्त कार्रवाई क रवाने की बात कही है। विधायक का कहना है कि वे भोपाल जा रहे हैं, कृषि मंत्री सचिन यादव से मिलकर इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराएंगे। उन्होंने ये भी कहा कि इस मामले में दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसानों की भरपाई के लिए भी वे कृषि एंव किसान कल्याण मंत्री से बात करेंगे और किसानों के नुकसान की भरपाई का भरसक प्रयास करेंगे।
ये है मामला
जिले में रबी की बुबाई के लिए 2600 टन डीएपी की रैक हरपालपुर रेलवे स्टेशन 17 अक्टूबर को आई थी। इस खाद को जिले के 7 सेंटरों में बिक्री व भंडारण के लिए रखा गया। लेकिन रिपोर्ट आने के पहले ही 2521 टन खाद की बिक्री हो गई। जिसकी जांच रिपोर्ट 13 नवंबर को आई, जिसमें खाद को अमानक बताया गया। रिपोर्ट आने के बाद कृषि विभाग ने उस बैच की खाद की बिक्री पर रोक लगा दी। लेकिन तब तक 2600 टन में से केवल 78.41 टन ही खाद बची। अमानक खाद न केवल बिक गई बल्कि किसानों ने खेतों में खपा भी दी गई।
भेजेंगे रिपोर्ट
हरपालपुर के डबल लॉक गोदाम में रखी 25 टन अमानक डीएपी की मार्कि ग कर दी गई है। पूरे मामले की रिपोर्ट बनाकर भेजी जा रही है। शासन स्तर पर ही कार्रवाई और किसानों की क्षतिपूर्ति का निर्णय किया जाएगा। प्राइवेट विक्रेताओं को अमानक खाद न बेचने की ताकीद दी गई है।
एसके मिश्रा, एडीओ, कृषि विभाग