
ईवीआर पेरियार सालै पर सब-वे निर्माण शुरू
चेन्नई. पूराच्ची तलैवर डा. एमजीआर सेंट्रल रेलवे स्टेशन से उतरकर सड़क पार करने के लिए यातायात सिग्नल के रेड होते ही रोड पार करने वाले यात्रियों का रेला उमड़ पड़ता है। कई बार तो सिग्नल बदलने से पहले ही रोड पर उतर जाते हैं जो किसी खतरे से कम नहीं। इसका कारण यह है कि पीक अवर्स होने के कारण एक तो काम पर समय जाने की जल्दी जबकि दूसरी ओर से ट्रेन पकडऩे की जल्दी के चलते लोग शीघ्र रोड पार करना चाहते हैं। इन यात्रियों को सहज और सुरक्षित यात्रा मुहैया कराने के लिए चेन्नई मेट्रो रेल लिमिटेड ने सब-वे का निर्माण शुरू कर दिया है। इस सब-वे के निर्माण का उद्देश्य उपनगरीय रेलवे स्टेशन, राजीव गांधी सरकारी अस्पताल व पार्क टाउन उपनगरीय स्टेशन से मेट्रो स्टेशन को कनेक्ट करना है, ताकि पैदल यात्री सहजता से एक जगह से दूसरी जगह पहुंच सकें।
सब-वे लैस होगा सभी सुविधाओं से
सीएमआरएल सूत्रों कीे मानें तो ईवीआर पेरियार सालै पर बनने वाले इस सब-वे के निर्माण में लगभग १८ महीने का समय लग सकता है। यह सब-वे सभी सुविधाओं से लैश होगा। यात्रियों को सब-वे में आवाजाही के लिए सीढिय़ों के अलावा एस्केलेटर और एलिवेटर भी लगाया जाएगा। सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर संकेतक लगे होंगे ताकि नए यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बनेगा सात मीटर चौड़ा आयताकार
यह सब-वे ७ मीटर चौड़ा और आयाताकार बनाया जाएगा। सब-वे का एक हिस्सा पार्क स्टेशन, जीएच अस्पताल और पूराच्ची तलैवर डा. एमजीआर सेंट्रल रेलवे स्टेशन से जुड़ा होगा जबकि दूसरा हिस्सा जीएच अस्पताल, ईवनिंग बाजार रोड और चेन्नई मेट्रो रेलवे स्टेशन से कनेक्ट होगा। फिलहाल सीएमआरएल द्वारा यात्रियों की सुगम और सहज आवाजाही के लिए सेंट्रल मेट्रो स्टेशन से मूर मार्केट और पार्क स्टेशन को जोड़ा हुआ है जबकि अभी भी बड़ी संख्या में यात्री सेंट्रल रेलवे स्टेशन से बाहर निकलकर जंक्शन पार कर एक छोड़ से दूसरे छोर पर जाने को विवश हैं।
भीड़ के बीच से गुजरना पड़ता है यात्रियों को
ईवीआर पेरियार सालै पर बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही होने के कारण यह मार्ग हमेशा व्यस्त रहता है। सेंट्रल स्टेशन से उतरकर पार्क स्टेशन की तरफ जाने के लिए यात्रियों को सड़क पार करने के लिए रेड सिग्नल का इंतजार करना पड़ता है। सूत्र बताते हैं कि सेंट्रल रेलवे स्टेशन के सामने से हर दिन लगभग ७० हजार से भी अधिक यात्री सड़क पार करते हैं। खासकर पीक अवर्स में यहां से आवाजाही कर रहे यात्रियों को सड़क पार करने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। कई बार यात्री जल्दबाजी के चक्कर में वाहनों की चपेट में भी आ जाते हैं।
यातायात पुलिस की चुनौती
बहरहाल पैदल यात्रियों को सुगम एवं सुरक्षित यात्रा सुविधा मुहैया कराने की जिम्मेदारी यातायात पुलिस के कंधे पर है, जो रेड सिग्नल होने के बाद यात्रियों को सड़क पार कराते नजर आते हैं। हालांकि यहां दशकों से सब-वे बना हुआ है लेकिन उसकी चौड़ाई बहुत ही कम है, लिहाजा यात्री सब-वे में जाने के बजाय सीधे सड़क पार करना ही उचित मानते हैं। बहरहाल इस सब-वे का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। उम्मीद की जा रही है कि तय समय १८ महीने में इस सब-वे का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।
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Published on:
20 Nov 2019 06:06 pm
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