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मां-बेटी ने साथ लहराया सफलता का परचम

वैसे तो हर साल ही उनके ट्यूशन सेंटर से पढ़े विद्यार्थी दसवीं की बोर्ड परीक्षा में सफलता का परचम लहराते हैं लेकिन यह पहला मौका है जब मां और बेटी ने एक साथ परीक्षा पास की है।

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विल्लुपुरम. हाल ही घोषित दसवीं के परीक्षा परिणाम एक घर में दोहरी खुशी लेकर आया। दरअसल इस परीक्षा में मां और बेटी दोनों ने इस साल एक साथ 10वीं की बोर्ड परीक्षा पास की है।

जिले के गिंगी के निकट मेलेडैयालम में ट्यूशन सेंटर चलाने वाले मगालिंगम ने बताया कि वैसे तो हर साल ही उनके ट्यूशन सेंटर से पढ़े विद्यार्थी दसवीं की बोर्ड परीक्षा में सफलता का परचम लहराते हैं लेकिन यह पहला मौका है जब मां और बेटी ने एक साथ परीक्षा पास की है।

अपनी बेटी कयलविझी और पत्नी सुशीला की सफलता से प्रसन्न मगालिंगम ने बताया कि सोमवार को परिणाम आते ही पूरा घर खुशी से झूम उठा। लगभग 15 साल के लंबे इंतजार के बात उनकी पत्नी इस बोर्ड परीक्षा में बैठी थी। इसके अलावा बेटी ने भी पहली बार में ही सफलता का परचम लहरा दिया।

सुशीला ने बताया कि लगभग 15 साल पहले 9वीं की परीक्षा पास करने के बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी थी लेकिन एक महिला स्वयं सहायता समूह के अध्यक्ष पद की दौड़ ने उसे इस परीक्षा में बैठने और सफल होने के लिए प्रेरित किया।

उसने बताया कि वह एक ऐसे स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष बनना चाहती है जिसके लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास है। इसके लिए उसे प्राइवेट उम्मीदवार के तौर पर परीक्षा की तैयारी की और अंतत: सफल भी हुई। इस परीक्षा में उसे 265 अंक मिले जबकि उसकी बेटी ने 382 अंक प्राप्त किए।