23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

AIIMS पर भी GST की मार, जानिए कितना बढ़ा डेली चार्ज

केंद्र सरकार ने गुड्स एंड सर्विस टैक्स के दायरे में हाल में बदलाव किया है। इसका असर कई चीजों पर पड़ा है। रोजमर्रा की कई चीजें खरीदने के लिए अब लोगों को ज्यादा कीमत चुकाना होगी। जीएसटी की मार देश के सबसे बड़े अस्पताल कहे जाने वाले AIIMS पर भी पड़ा है।

2 min read
Google source verification
AIIMS Order Released For 5 Percent GST In Private Ward Daily Charge

AIIMS Order Released For 5 Percent GST In Private Ward Daily Charge

देश के सबसे बड़े अस्पताल यानी ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में भी अब इलाज कराना महंगा हो गया है। दरअसल केंद्र सरकार ने हाल में जीएसटी के दायरे में बदलाव किया है। इसकी वजह से रोजमर्रा की कई चीजें महंगी हो गई हैं साथ ही अब जीएसटी की मार एम्स पर भी पड़ी है। जीएसटी के चलते अब एम्स के प्राइवेट वार्ड में इलाज कराना अब और महंगा हो गया है। प्राइवेट वार्ड में पांच फीसदी GST लागू करने का आदेश जारी किया गया है। ऐसे में मरीजों की जेब पर रोजाना 300 रुपए अत‍िरिक्त बोझ पड़ेगा। दो महीने के अंदर प्राइवेट वार्ड की कीमतों में दूसरी बार बढ़ोतरी की गई है।

देश के सबसे बड़े अस्पताल एम्स में भी अब इलाज के लिए आम आदमी को ज्यादा कीमत चुकाना होगी। इसके पीछे वजह से गुड्स एंड सर्विस टैक्स। दरअसल प्रशासन की ओर से प्राइवेट वार्ड पर 5 फीसदी जीएसडी लगाए जाने का ऐलान किया गया है। नई दरें 21 जुलाई से ही लागू भी कर दी गई हैं।

कीमतों में आया ये अंतर
AIIMS के प्राइवेट वार्ड के लिए पहले जहां 6000 रुपए प्रति दिन के मुताबिक चार्ज किए जाते थे, वहीं अब 5 फीसदी जीएसटी के साथ बढ़ी हुई कीमत 6300 रुपए हो गई है।

यह भी पढ़ें - गृहणियां बोलीं- रसोई गैस की कीमतें पहले ही आसमान पर, अब खाद्य सामग्रियों पर GST से और कटेगी जेब

मई में ही बढ़ाई गई थी कीमतें
बता दें कि, इससे पहले मई में ही पहले डीलक्स रूम का किराया बढ़ाया गया। तब करीब डेढ़ से दोगुना कीमतों में इजाफा किया गया था। ऐसे में दो महीने के अंदर एम्स के प्राइवेट वार्ड की कीमतों में खासी बढ़ोतरी हो गई है।
बुधवार को एम्स प्रशासन की तरफ से आदेश जारी करते हुए उसे नोट‍िफाई कर दिया गया। इससे पहले एक जून से बढ़े हुए शुल्क पर मरीज भर्ती किए जा रहे हैं।

दरअसल इस बढ़त को देखते हुए ही शायद एम्स प्रशासन ने 19 मई को प्राइवेट वार्ड का शुल्क बढ़ाने और 300 रुपए तक की जांचें शुल्क मुफ्त करने का आदेश जारी किया था जो लागू भी हो गया था।

AIIMS के प्राइवेट वार्ड में 288 बेड
एम्स के प्राइवेट वार्ड की बात की जाए तो यहां कुल बेड की संख्या 288 है। एम्स प्रशासन ने मई में जारी आदेश में प्राइवेट वार्ड में बी श्रेणी के कमरे का शुल्क प्रतिदिन दो हजार रुपए से बढ़कर तीन हजार रुपए और डीलक्स श्रेणी के कमरे का शुल्क प्रतिदिन तीन हजार रुपये से बढ़ाकर छह हजार रुपए कर दिया था।

दरअसल 'बी' कैटेगरी के प्राइवेट वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों को 10 दिन के लिए एडवांस फीस के तौर पर कुल 33,000 रुपए और डीलक्स कैटेगरी के प्राइवेट वार्ड में भर्ती होने के लिए कुल 63,000 रुपए अग्रिम शुल्क जमा करना होता था।

यह भी पढ़ें - रसोई तक पहुंच? GST ST, छोटी पैकिंग का गेहूं, आटा, दाल, चावल, दही बिगाड़ेगा बजट