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वेटनरी यूनिट’ पहुंचेगी पशुपालकों के द्वार, एक कॉल पर मिलेगा इलाज

जिले में पशुपालकों को अब घर बैठे पशु चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिल सकेगा। शनिवार को पूर्व विधायक अशोक डोगरा तथा जिला कलक्टर अक्षय गोदारा ने शनिवार को यहां राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में आयोजित समारोह में मोबाइल पशु चिकित्सा सेवा वाहनों (‘वेटनरी यूनिट’) का लोकार्पण किया।

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वेटनरी यूनिट’ पहुंचेगी पशुपालकों के द्वार, एक कॉल पर मिलेगा इलाज

वेटनरी यूनिट’ पहुंचेगी पशुपालकों के द्वार, एक कॉल पर मिलेगा इलाज

बूंदी.जिले में पशुपालकों को अब घर बैठे पशु चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिल सकेगा। शनिवार को पूर्व विधायक अशोक डोगरा तथा जिला कलक्टर अक्षय गोदारा ने शनिवार को यहां राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में आयोजित समारोह में मोबाइल पशु चिकित्सा सेवा वाहनों (‘वेटनरी यूनिट’) का लोकार्पण किया।

गौवंश व पशुधन के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जिले में 8 मोबाइल वेटनरी संचालित होगी। पूर्व विधायक ने कहा कि ‘स्वस्थ पशुधन-उन्नत राजस्थान’ की संकल्पना की सिद्धि में मोबाइल वेटरिनरी क्लिनिक वाहनों मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने कहा कि जिले में अब 1962 नंबर पर किए एक कॉल से पशुधन को उपचार की सुविधा मिल सकेगी। कार्यक्रम में सुरेश अग्रवाल, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. रामलाल मीणा, डॉ. ओम प्रकाश मीणा, पार्षद महावीर मीणा, जिला पशु क्रूरता निवारण समिति के उपाध्यक्ष बलभद्र ङ्क्षसह हाडा, उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम पारीक, वि_ल सनाढ्य,रमेश ङ्क्षसह सहित जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

घर बैठे करवा सकेंगे पशुओं का इलाज
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ.रामलाल मीणा ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से प्रदेश के पशुपालकों को घर बैठे इलाज की सुविधा देने के लिए मोबाइल वेटनरी यूनिट की सुविधा शुरू की गई है, जहां पशुपालकों को उनके घर के द्वार पर ही इलाज की सुविधा मिलेगी।

वहीं इन वाहनों को पूरी तरह से मेडिकल सुविधायुक्त बनाया गया है। पशुपालकों के एक कॉल पर गाड़ी उनके घर पहुंच जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले में 8 मोबाइल पशु चिकित्सा यूनिट शुरू की गई है, इनमें प्रत्येक में कुल 3 लोग मौजूद रहेंगे। जहां एक पशु चिकित्सक, 1 पशु चिकित्सा कर्मी और वाहन चालक रहेगा। उन्होंने बताया कि 1962-मोबाइल पशु चिकित्सा सेवा से जिले के 8 लाख 93 हजार 100 पशुधन को इलाज की सुविधा मिल पाएगी। इनमें 193509 गौवंश, 325032 भैसवंश, 306938 बकरीवंश, 55969 भेडवंश तथा 11652 शुकरवंश शामिल है।

नियमित शिविर का आयोजन
संयुक्त निदेशक के अनुसार सोमवार से शनिवार तक प्रतिदिन जिले की सभी पंचायत समितियों में अपने-अपने रूट चार्ट के अनुरूप अलग-अलग पंचायतों व गांवों में 2-2 शिविरों का नियमित से आयोजन किया जाएगा।