यह सही है कि मैं फ्लैट ले रहा हूं, लेकिन अपने परिवार से दूर होने का सवाल ही नहीं। दरअसल, हम जिस अपार्टमेंट में रहते हैं, उसी में मैं एक फ्लैट ले रहा हूं। अभी हम जिस फ्लैट में रह रहे हैं, वह तीसरी मंजिल पर है और मैं जो फ्लैट ले रहा हूं, वह सैकंड फ्लोर पर है। मैंने जब अखबारों व न्यूज बेवसाइट्स पर मेरे पापा से अलग होने की खबर पढ़ी, तो हैरान रह गया। न जाने क्या क्या लिखा जा रहा था, जबकि सच्चाई कुछ और ही है। हमारा परिवार अब बड़ा हो गया है। भाई की शादी हो गई है। उनके बच्चे हैं, ऐसे में एक फ्लैट की जरूरत थी, इसी वजह से मैं वो फ्लैट ले रहा हूं। वहां भी रहूंगा...पापा मम्मी के पास भी रहूंगा। सच्चाई तो यह है कि न मैं अपने परिवार से अलग हो रहा हूं, ना दूर हो रहा हूं...बस, एक फ्लैट ले रहा हूं।