
रेत डंपिंग का खेल शुरू, शहर समेत आसपास के क्षेत्र में भारी मात्रा में माफियाओं ने डंप की रेत
खनिज एक्ट के तहत स्वीकृत रेत घाटों से रेत उत्खनन पर रायल्टी वसूल की जाती है। पूरे जिले में खनिज विभाग ने एक भी रेत घाट को ठेके पर नहीं दिया है। पिछले 2 वर्षों से नदी से रेत निकालने पर पाबंदी है। इसके बाद भी लगातार अवैध उत्खनन हो रहा है। रेत माफियाओं ने शहर के भीतर और ग्रामीण क्षेत्रों में भारी मात्रा में अवैध उत्खनन की रेत डंप कर रखी है। वर्तमान में नदी में पानी आने के बाद अवैध उत्खनन में कमी आई है, लेकिन माफियाओं ने डंप की गई रेत सप्लाई की कीमतें बढ़ दी है। लोगों को डंप रेत की सप्लाई शुरू कर दी गई है। एक ट्रैक्टर रेत की कीमत 7 हजार रुपए से अधिक है।
जांच कर कार्रवाई का नियम
नियम के तहत खनिज विभाग को डंप की गई रेत की जांच करने का अधिकार खनिज एक्ट के तहत है। अधिकार के तहत अधिकारी मौके पर जाकर रेत डंप करने वाले और जमीन मालिक से रेत के संबंध में रायल्टी और दस्तावेज की मांग कर सकते हैं। दस्तावेज नहींहोने पर जुर्माना वसूलने के साथ डंप रेत को जब्त करने का भी प्रावधान है।
2 वर्ष पहले से रेत घाट बंद, यानि डंप रेत है अवैध
पिछले 2 वर्षों से जिले में एक भी रेत घाट ठेके पर नहीं हैं। दो वर्ष पूर्व सीएम के आदेश के बाद खनिज विभाग ने शहर के लिंगियाडीह, मोपका और मधुबन क्षेत्र से हजारों हाइवा डंप रेत की जब्ति की थी। इसके बादसे रेत घाट लगभग बंद हैं। यानि डंप की गई रेत अवैध है।
इन क्षेत्रों में डंप हैं रेत
शहर के कोनी -बिरकोना मुख्य मार्ग, अशोक नगर- बिनकोना मुख्य मार्ग, एसईसीएल मुख्यालय के सामने, लिंगियाडीह, मोपका, चिल्हाटी, सेंदरी, घुटकू, निरतू और लोफंदी में माफियाओं ने रेत अवैध रूप से डंप कर रखी हैं।
Published on:
22 Jul 2023 08:45 pm
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