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द्वितीय वर्ष की दिव्यांग और महिला प्रशिक्षणार्थियों को मिलेगा लाभ, बदल सकेंगी कॉलेज

कॉलेज बदलने के लिए बीएसटीसी में प्रशिक्षण ले रहे दिव्यांग एवं महिला प्रशिक्षणार्थियों को 20 नवम्बर तक प्रारंभिक शिक्षानिदेशालय को आवेदन भेजने होंगे।

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Second year trainees will get benefits

महिला प्रशिक्षणार्थियों को मिलेगा लाभ

राज्य सरकार ने बीएसटीसी द्वितीय वर्ष में अध्ययनरत दिव्यांग व महिला प्रशिक्षणार्थियों को कॉलेज बदलने की अनुमति दे दी है। अब इस वर्ग के अभ्यर्थी अपने इच्छित कॉलेज में जा सकेंगे। कॉलेज बदलने के इच्छुक बीएसटीसी द्वितीय वर्ष में प्रशिक्षण ले रहे दिव्यांग एवं महिला प्रशिक्षणार्थियों को 20 नवम्बर तक प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को आवेदन भेजने होंगे।

प्रारंभिक शिक्षा निदेशक पीसी किशन ने बताया कि जो दिव्यांग एवं महिला प्रशिक्षणार्थी कॉलेज परिवर्तन करना चाहते हैं, उन्हे प्रथम वर्ष की परीक्षा उत्तीर्ण करना जरूरी होगा। इसके अलावा अध्ययनरत कॉलेज व नवीन कॉलेज में शुल्क जमा कराने की सहमति तथा जिस कॉलेज में जाना चाहते हैं, उस कॉलेज में द्वितीय वर्ष की सीट रिक्त होना जरूरी होगा।

इन्हें प्राथमिकता
किशन ने बताया कि एक ही सीट पर दो प्रशिक्षणार्थियों के आवेदन करने पर पहले आवेदन करने वाले प्रशिक्षणार्थी को प्राथमिकता दी जाएगी। कॉलेज परिवर्तन के इच्छुक अभ्यर्थियों को आवेदन के साथ दिव्यांग अभ्यर्थी को सक्षम स्तर का दिव्यांग प्रमाण पत्र, प्रथम वर्ष की अंक तालिका या प्रवेश पत्र, कॉलेज फीस की रसीद, इच्छित कॉलेज में द्वितीय वर्ष में सीट रिक्त होने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।

स्वयंसेवी शिक्षण संस्था संघ ने किया एलान, 'पिछले सत्र के 42 स्कूलों को मान्यता नहीं दी तो आंदोलन'
निजी स्कूलों के शिक्षण सत्र 2016-17 में आवेदन करने, मान्यता के मानदण्ड पूरे करने के बाद भी अब तक मान्यता नहीं देने के विरोध में स्वयंसेवी शिक्षण संस्था संघ ने 29 अगस्त से आंदोलन करने का एलान किया है। संघ के जिलाध्यक्ष कोडाराम भादू ने बताया कि अगर शिक्षा विभाग ने 28 अगस्त तक पिछले सत्र के अटके निजी स्कूलों को मान्यता नहीं दी तो 29 अगस्त से संगठन आंदोलन शुरू करेगा।

उन्होंने बताया कि जिले के करीब 42 निजी स्कूलों की मान्यता पिछले सत्र से अटकी पड़ी है, जबकि इन स्कूलों का भौतिक सत्यापन, पैनल निरीक्षण, अनुशंसा सहित बालिका शिक्षा फाउण्डेशन के नाम डीडी, मान्यता शुल्क आदि सभी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। संघ के ज्ञापन, मुलाकात करने के बाद भी विभागीय अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं, जिससे निजी स्कूल संचालकों में रोष है।

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