डीआइजी त्रिवेदी ने बताया कि एलइडी टीवी में मोबाइल व चार्जर के मामला पकड़ में आने के बाद जेल प्रहरी मनोहरलाल को निलंबित कर दिया गया। वहीं जेलर विजयसिंह को एपीओ कर दिया गया। उनका मुख्यालय जयपुर किया गया है। इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है। शनिवार को तीन आरएसी जवानों,१३ जेल ऑफिस कार्मिकों, चार जेल प्रहरियों व दो-तीन बंदियों के बयान लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेज दी जाएगी।
दोषियों को नहीं बख्शेंगे
डीआइजी त्रिवेदी ने बताया कि जेलों में मिलीभगत के कारणा ऐसे मामले सामने आते हैं। एलइडी टीवी के २५ से अधिक मोबाइल मिलने की जांच शुरू कर दी है। इसमें देखा जा रहा है कि अगर कहीं पर चूक है तो उसमें सुधार करवाया जाएगा और मिलीभगत और जानबूझकर ऐसा किया गया है तो ऐसे कर्मचारियों-अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
डीआइजी त्रिवेदी ने बताया कि जेलों में मिलीभगत के कारणा ऐसे मामले सामने आते हैं। एलइडी टीवी के २५ से अधिक मोबाइल मिलने की जांच शुरू कर दी है। इसमें देखा जा रहा है कि अगर कहीं पर चूक है तो उसमें सुधार करवाया जाएगा और मिलीभगत और जानबूझकर ऐसा किया गया है तो ऐसे कर्मचारियों-अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
यह है मामला
बीकानेर केन्द्रीय कारागार में दो मार्च की दोपहर करीब ढाई बजे जेल प्रहरी मनोहरलाल एक एलईडी टीवी लेकर पहुंचा। यहां मुख्य गेट पर तैनात आरएसी जवानों ने एलईडी टीवी की तलाशी ली तो २५ से अधिक मोबाइल, दो डोंगल, तीन ईयर फोन, तीन मोबाइल चार्जर व १२ जर्दें के पैकेट बरामद हुए थे। इस प्रकरण की शिकायत जेल मुख्यालय की गई। इसके बाद जेल प्रहरी मनोहरलाल को निलंबित कर दिया तथा जेलर विजय सिंह को एपीओ कर दिया गया।
बीकानेर केन्द्रीय कारागार में दो मार्च की दोपहर करीब ढाई बजे जेल प्रहरी मनोहरलाल एक एलईडी टीवी लेकर पहुंचा। यहां मुख्य गेट पर तैनात आरएसी जवानों ने एलईडी टीवी की तलाशी ली तो २५ से अधिक मोबाइल, दो डोंगल, तीन ईयर फोन, तीन मोबाइल चार्जर व १२ जर्दें के पैकेट बरामद हुए थे। इस प्रकरण की शिकायत जेल मुख्यालय की गई। इसके बाद जेल प्रहरी मनोहरलाल को निलंबित कर दिया तथा जेलर विजय सिंह को एपीओ कर दिया गया।