दुल्हन, परी के रूप में गवर, दूल्हा, राजस्थानी पुरुष के रूप में सज रहे ईसर
धुलंडी के साथ ही बीकानेर में गणगौर पूजन उत्सव का आगाज हो गया है। शहर में अगले 34 दिनों तक मां गवरजा की पूजा-अर्चना होगी। इस दौरान बाला गणगौर, बारहमासा और धींगा गणगौर पूजन उत्सव के आयोजन होंगे। घर-घर और गली-मोहल्लों में गणगौरी गीतों की गूंज रहेगी। गणगौर मेले भरेंगे। गणगौर पूजन उत्सव को लेकर गवर, ईसर और भाईया की प्रतिमाओं को सजाने का दौर शुरू हो गया है। गवर की प्रतिमाएं दुल्हन, राजस्थानी महिला, परी के रूप में सज रही है। वहीं ईसर दूल्हा, राजस्थानी पुरुष के रूप में श्रृंगारित हो रहा है। घरों से बाजारों तक गणगौर प्रतिमाओं को श्रृंगारित करने का क्रम चल रहा है। राजस्थानी वेशभूषा व आभूषणों के साथ गुजरात व दक्षिण भारतीय वस्त्र-आभूषणों से भी गणगौर प्रतिमाएं सज रही है।