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60 दिनों बाद साधारण सभा का प्रावधान, 300 दिनों बाद तक भी नहीं हुई बैठक

साधारण सभा की बैठक नहीं होने से सदन में जन समस्याओं पर चर्चा नहीं हो पा रही है। न ही निगम की ओर से करवाए जा रहे कार्यों, कर्मचारियों की नियुक्ति और पदोन्नति प्रकरणों का अनुमोदन हो रहा है।

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60 दिनों बाद साधारण सभा का प्रावधान, 300 दिनों बाद तक भी नहीं हुई बैठक

60 दिनों बाद साधारण सभा का प्रावधान, 300 दिनों बाद तक भी नहीं हुई बैठक

नगर निगम में भले ही 60 दिनों के बाद साधारण सभा की बैठक आहूत करने का प्रावधान हो, लेकिन निगम में महीनों बाद भी साधारण सभा की बैठक नहीं हो पाई है। साधारण सभा की बैठक नहीं होने से सदन में जन समस्याओं पर चर्चा नहीं हो पा रही है। न ही निगम की ओर से करवाए जा रहे कार्यों, कर्मचारियों की नियुक्ति और पदोन्नति प्रकरणों का अनुमोदन हो रहा है। साधारण सभा की बैठक को आयोजित करने को लेकर सत्तारूढ़ बोर्ड सहित विपक्षी पार्षद भी उत्सुक नजर नहीं आ रहे हैं। इसकी खमियाजा शहर की जनता भुगत रही है। निगम में इसी साल फरवरी महीने में बजट बैठक हुई थी। इसके बाद बैठक का आयोजन अब तक नहीं हुआ है।

जनवरी में हुई थी साधारण सभा

नगर निगम बोर्ड की साधारण सभा की बैठक इस साल 6 जनवरी को हुई थी। इस बैठक में दस प्रस्ताव चर्चा के लिए रखे गए थे। इनमें कार्मिकों की नियुक्ति की पुष्टि, कार्मिकों की पदोन्नति की पुष्टि, कार्मिक नौरंग लाल मेघवाल कनिष्ठ सहायक की अभियोजना स्वीकृति पर चर्चा, भवन विनिमय 2020 के अन्तर्गत सघन आबादी क्षेत्र सूची का अनुमोदन, कोर्ट आदेश अनुसार सेवा से पृथक 16 सफाई कर्मचारियों को रिक्त पदों के विरुद्ध समायोजित कर सेवा में बहाल किए जाने पर चर्चा, सभी वार्डों में क्षेत्रफल-जनसंख्या के आधार पर सफाई कर्मचारियों की संख्या का निर्धारण, कांता खतुरिया कॉलोनी संस्कार सदन के पीछे सीएसआर फण्ड से ऑडिटोरियम एवं लायब्रेरी बनाने पर चर्चा, विभिन्न मार्गों के नामकरण विशिष्टजनों के नाम से करने पर चर्चा, यूजर चार्ज की आवासीय दरों में संशोधन करने पर चर्चा, नगरीय क्षेत्र के वार्डों में सफाई लाइट व्यवस्था पर चर्चा प्रस्ताव शामिल थे।

समस्याओं पर चर्चा, न कार्यों का अनुमोदन

नगर निगम की साधारण सभा की बैठक में आमजन को हो रही समस्याओं पर पार्षद सदन में चर्चा कर निर्णय लेते हैं।निगम प्रशासन की ओर से करवाए गए कार्यों, कार्मिकों की पदोन्नति, नियुक्तियां आदि प्रकरणों का अनुमोदन भी साधारण सभा में होता है। पिछले दस महीनों से साधारण सभा नहीं होने से जनसमस्याओं पर चर्चा नहीं हो पा रही है।

पार्षदों ने साधी चुप्पी

महीनों बाद भी साधारण सभा की बैठक नहीं होने के बाद भी पक्ष-विपक्ष के पार्षद चुप्पी साधे हुए हैं। निगम में भाजपा का बोर्ड है। कांग्रेस विपक्ष में है। नेता प्रतिपक्ष भी साधारण सभा बुलाने को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही है। भाजपा के कई पार्षद साधारण सभा बुलाने के पक्ष में नजर आ रहे हैं, लेकिन अपनी ही पार्टी का बोर्ड होने के कारण सार्वजनिक रूप से अपनी राय रखने से बच रहे हैं।

इस साल हुई बैठकें

1.साधारण सभा बैठक- 6 जनवरी 2023- दस प्रस्तावों पर चर्चा

2.बजट बैठक- 13 फरवरी 2023- 419 करोड़ के प्रस्तावित बजट का अनुमोदन