
भोपाल। मध्यप्रदेश में नकदी की कमी के चलते कई एटीएम खाली होने की कगार पर पहुंच चुके हैं। आलम ये है कि बैंकों से पैसा निकालने के लिए लोगों की लम्बी कतारें देखी जा रही हैं। सोशल मीडिया पर इसे लेकर काफी चर्चाएं जारी हैं, इस बीच नोटों की कमी के मामले पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि यह भाजपा सरकार के खिलाफ एक बड़ा षडयंत्र है। शाजापुर में सीएम ने एक सभा के दौरान कहा कि कुछ लोगों द्वारा 2,000 के नोट दबाकर नकदी की कमी पैदा करने का षडयंत्र चल रहा है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि इस षडयंत्र के पीछे कौन है?
शिवराज सिंह चौहान ‘कृषक समृद्धि योजना’ का शुभारंभ करने के बाद शाजापुर में किसान महासम्मेलन को सम्बोधित करते हुए बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जब (नवंबर 2016 में) नोटबंदी हुई थी, तब 15 लाख करोड़ रूपये के नोट बाजार में थे और आज साढ़े सोलह लाख करोड़ के नोट छापकर बाजार में भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि लेकिन दो-दो हजार के नोट कहां जा रहे हैं, कौन दबाकर रख रहा है, कौन नकदी की कमी पैदा कर रहा है, यह षडयंत्र है। चौहान ने साथ यह भी जोड़ा कि यह षडयंत्र इसलिए किया जा रहा है, ताकि दिक्कतें पैदा हो।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में नगदी की कमी पैदा की जा रही है, इससे राज्य सरकार निपटेगी। प्रदेश सरकार इस पर सख्ती से कार्रवाई करेगी। चौहान ने कहा कि इस संबंध में हम केन्द्र से भी बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को कोई भी दिक्कत हो तो मुख्यमंत्री निवास पर स्थापित कंट्रोल रूम के फोन नम्बर-0755-2540500 पर फोन करें। चौहान ने कांग्रेस पर प्रदेश में सत्ता में आने के लिए अराजकता पैदा करने का अरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस मध्यप्रदेश की धरती पर लाशों पर राजनीति करने का षड्यंत्र प्रारंभ कर रही है।
सोमवार को खाली हो गए राजधानी के 60 प्रतिशत एटीएम
राजधानी भोपाल में लोग रुपए निकालने के लिए परेशान होते नज़र आ रहे हैं। सोमवार को भोपाल के कुल 375 में से 60 प्रतिशत एटीएम्स में पैसा खाली हो चुका था। वहीं लोगों का कहना है कि बैंकों की ओर से भी एटीएम में पैसा खत्म होने की कोई सूचना नहीं दी जा रही है। राजधानी के एटीएम की हालत ये है तो बाकी शहरों का हाल आसानी से समझा जा सकता है। एक वरिष्ठ बैंक अधिकारी ने बताया कि नोटबंदी के बाद से ही एटीएम में रुपए डालने की व्यवस्था गड़बड़ाई है। नए नोटों के लिए कई बैंकों ने अपने एटीएम के कैश ट्रे में बदलाव नहीं किया है। इस स्थिति में छोटे नोट ही ज्यादा दिए जा रहे हैं, जिसकी वजह से ट्रांजेक्शन ज्यादा हो रहा है और एटीएम में कैश खत्म हो रहा है।
मलैया ने माना बैंकों में है कैश की कमी
वहीं मंगलवार को प्रदेश के वित्त मंत्री जयंत मलैया ने भी माना है है प्रदेश में करेंसी की किल्लत है। मलैया ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बैंकों में पैसा कम है और दो हजार रुपए के नोट नहीं निकल रहे हैं। वहीं उन्होंने जनता से कैश ट्रांजेक्शन कम करने की सलाह दी है। उनका कहना था कि जल्द ही बैंक अधिकारियों से चर्चा कर इस समस्या का समाधान निकाला जाएगा। मलैया ने यह भी कहा कि केन्द्र के साथ प्रदेश सरकार लगातार इस मामले पर संपर्क में है, और पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
Published on:
17 Apr 2018 01:29 pm
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