
भोपाल/ भाजपा विधायक शरद कोल मंगलवार को उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवार से मिलने पहुंचे। कोल ने इससे पहले विधानसभा में एक विधेयक पर सरकार के पक्ष में वोटिंग करने के बाद कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान किया था। हालांकि बाद में उनकी सुर बदल गए थे। पटवारी से मुलाकात के बाद कोल ने कहा कि वे भाजपा के टिकट पर चुनकर विधायक बनें हैं, अब मीडिया तय करता रहे कि वे कांग्रेस के साथ है या भाजपा के साथ।
उन्होंने कहा कि आगे अगर फ्लोर टेस्ट या मतदान की नौबत अगर आई तो उस समय तय होगा कि वे किसे वोट करते हैं। उन्होंने कहा प्रजातंत्र में यह व्यवस्था है कि कोई व्यक्ति किस दल से चुनकर पहुंचे और सदन में वो क्या भूमिका निभाए। हालांकि वे खुलकर ये बताने से बचते रहे कि अब वे भाजपा के साथ हैं या कांग्रेस को समर्थन देने को तैयार हैं। पटवारी से मुलाकात के मामले में उन्होंने कहा कि वे अपने क्षेत्र के कुछ काम लेकर मंत्री से मिलने पहुंचे थे।
किसान कर्जमाफी के सवाल पर कोल ने कहा कि सरकार कांग्रेस की हो या भाजपा सभी किसानों के लिए तो काम करते ही हैं। अब यह जरूर होता है कि किसे कितना समय मिला और परिस्थितियां क्या रही। विधायक शरद कोल ने जीतू पटवारी के साथ तकरीबन आधा घंटे तक बंद कमरे में मुलाकात हुई।
उधर मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि मेरे पास हर रोज तीन से चार विधायक आते हैं। वे अपने क्षेत्र के काम लेकर आते हैं, इसमें कुछ गलत नहीं है। पटवारी ने कहा कि अगर भविष्य में कांग्रेस सरकार का फ्लोर टेस्ट होता है तो एक नहीं तीन-चार भाजपा विधायक सरकार के समर्थन में वोट करेंगे।
मंत्री से विधायकों को मिलना ही चाहिए-
कोल की पटवारी से मुलाकात के मामले में पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मंत्रियों से तो सभी विधायकों को मिलना ही चाहिए। जीतू पटवारी व्यक्ति ही नहीं सरकार के मंत्री भी हैं। मैं भी 14 साल सरकार में मंत्री रहा हूं। मेरे पास भी विपक्ष के विधायक अपने काम लेकर मिलने आते थे तो क्या वे मेरी पार्टी के सदस्य हो गए।
Published on:
28 Nov 2019 08:05 am
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