अधिकारियों को दो बार करना होगा शहर का भ्रमण
प्रदेश स्तर से दौरे पर जाने वाले अधिकारियों को एक से डेढ़ हफ्ते तक शहरों में ही रहना होगा। ये टीम एक माह के अंदर दो बार शहर का भ्रमण करेगी। अधिकारी शहर की स्वच्छता के संबंध में स्थानीय अधिकारियों के बैठक ले सकेंगे और उन्हें सुझाव भी दे सकेंगे। शहर में कचरा प्रबंधन, कचरा कलेक्शन और उसके निपटान के साथ ही वायु प्रदूषण का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। भोपाल, इंदौर जैसे बड़े शहरों में मशीन के जरिए झाडू लगाने की व्यवस्था पर निगरानी की जाएगी। जिन क्षेत्रों में निर्माण कार्य चल रहे हैं वहां हवा में धूल के कड़ न मिले, इसके लिए निर्माण एजेंसी को पानी का छिड़काव भी करना होगा।