bike taxi near me- ट्रांसपोर्ट के लाइसेंस पर फूड सप्लाई ओला-रैपीडो के पहिए हो सकते हैं जाम, शहर में 800 से ज्यादा चल रही हैं प्राइवेट टैक्सियां...>
भोपाल। सस्ती बाइक टैक्सी सेवा (bike taxi service in bhopal) देने का दावा करने वाली ओला और रैपीडो पर अनियमितता के चलते लाइसेंस निरस्तीकरण की तलवार लटक रही है। परिवहन विभाग ने इंदौर, भोपाल और जबलपुर जैसे शहरों में प्राइवेट बाइक टैक्सी सेवा (private bike taxi service) के लाइसेंस नवीनीकरण (license renewal) को मंजूरी नहीं दी है। इससे शहर की 800 से ज्यादा ओला, रैपीडो और बाइक का संचालन किसी भी वक्त ठप हो सकता है।
ग्राहकों का डाटा कितना सुरक्षित
इन कंपनियों से पूछा गया है कि वह जिस एंड्राइड एप्लीकेशन पर बुकिंग प्राप्त करती हैं उसका सर्वर कितना सुरक्षित है और ग्राहक का डाटा लीक न हो इसके लिए किस प्रकार के सिक्योरिटी इंतजाम किए गए हैं।
ग्राहकों का डाटा बेचने का आरोप
महिला उपभोक्ताओं ने अलग-अलग जिलों में इस बात की शिकायत की है कि उन्हें ड्राइवरों के माध्यम से अश्लील कॉल किए गए। कई ग्राहकों ने खुद के साथ हुई साइबर धोखाधड़ी के लिए बाइक टैक्सी सेवा की एप्लीकेशन पर मांगी गई मंजूरी और यहां से डाटा लीक होने का आरोप लगाया है।
एंड्राइड एप्लीकेशन में अनेक परमिशन
ओला, उबर और रैपीडो जैसी बाइक रेंट सर्विस (bike rental service) का इस्तेमाल करने के लिए एंड्राइड मोबाइल पर प्ले स्टोर से संबंधित कंपनी का एप्लीकेशन डाउनलोड करना होता है। यह एप्लीकेशन तमाम तरह की परमिशन पर ओके करने के बाद ही डाउनलोड होता है।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट की अनुमति पर भोजन सप्लाई कैसे
इसके अलावा पब्लिक ट्रांसपोर्ट की अनुमति पर कंपनियां किस आधार पर फूड सप्लाई चैन के नाम पर रेस्टोरेंट का खाना अपने ड्राइवरों के माध्यम से लोगों के घरों तक पहुंचा रही हैं। इन ड्राइवरों का पुलिस वेरिफिकेशन हुआ है तो इसका ब्योरा किस थाने में जमा किया गया है। ओला, उबर, रैपीडो जैसी कंपनियों को इन सवालों के जवाब देने के लिए कहा गया है। इंदौर एवं भोपाल में मिलाकर लगभग दो हजार से ज्यादा ड्राइवर इन कंपनियों की बाइक टैक्सी चलाते हैं जिसके बदले उन्हें कमीशन दिया जाता है।
ड्राइवरों को 20 से 25 प्रतिशत कमीशन
बेंगलुरु से संचालित बाइक टैक्सी रैपीडो अंतरराष्ट्रीय कंपनी उबर एवं भारतीय कंपनी ओला शहर से अच्छा कारोबार कर रही हैं। सोलो राइड का नारा देकर रैेपीडो ने नवंबर 2015 से कामकाज शुरू किया। छोटी दूरी की यात्रा के लिए कंपनी लगभग 6 रुपए प्रति किलो मीटर का किराया वसूलती है।
प्राइवेट कैब और बाइक कंपनियों के लिए नियमों का पालन अनिवार्य है। शिकायतों की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-गोविंद सिंह राजपूत, परिवहन मंत्री