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500 करोड़ में डेढ़ लाख वर्ग फीट में बनेगी चार हाइटेक बिल्डिंग

जल्द तैयार होगा प्रोजेक्ट, एक ही परिसर में कलेक्टोरेट, संभागायुक्त, आइजी कार्यालय सहित सभी 58 विभाग

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भोपाल. प्रोफेसर कॉलोनी में नया कलेक्टोरेट भवन बनेगा. नया कलेक्टोरेट भवन डेढ़ लाख स्क्वायर फीट में बनेगा। इसमें चार हाइटेक फाइव जी बिल्डिंग बनाई जाएंगी। जल्द बनाए जाने वाला कलेक्टोरेट के प्रोजेक्ट हाईटेक बिल्डिंग प्रस्तावित हैं.

यहीं पर संभागायुक्त, आइजी, कलेक्टर, पांच एडीएम, नाजिर शाखा, खनिज शाखा, आबकारी विभाग, खाद्य विभाग, निर्वाचन के लिए अलग से कार्यालय बनेगा. खाद्य विभाग व इनसे संबंधित कार्यालयों, बाबुओं के बैठने की व्यवस्था, कॉफ्रेंस कक्ष, रिकॉर्ड रूम, लोकसेवा गारंटी केंद्र, एसएलआर, अधिवक्ता कक्ष व अन्य वे कार्यालय जो बाहर किराए की बिल्डिंग में संचालित हो रहे हैं, वे सभी इसी बिल्डिंग में आएंगे।

कलेक्टर ने देखा प्रजेंटेशन
बिल्डिंग को पब्लिक कनेक्ट बनाया जाएगा उनके लिए अलग से कक्ष भी बनाए जाएंगे। जनसुनवाई कक्ष काफी हाइटेक होगा, वहीं अलग-अलग बिङ्क्षल्डग में अफसरों की बैठक के लिए भव्य कक्ष बनाए जाएंगे। इस संबंध में गुरुवार को कलेक्टोरेट में हाउसिंग बोर्ड के कार्यपालन यंत्री प्रदीप हेडाउ ने कलेक्टर अविनाश लवानिया के सामने प्रजेंटेशन दिया।

500 करोड में तैयार होगा प्रोजेक्ट
प्रोफेसर कॉलोनी में नई कलेक्टोरेट, पुल व अन्य बंगले बनाए जाने हैं। ये पूरा प्रोजेक्ट करीब पांच सौ करोड़ का है। रीडेंसिफिकेशन के तहत इसका निर्माण किया जाएगा। कलेक्टोरेट को यहां शिफ्ट करने से पहले तीन जगहों पर प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन फाइनल ये हुआ है।

बिल्डिंग में सोलर एनर्जी की व्यवस्था
दरअसल पुराने शहर के बीचों बीच बसी प्रोफेसर कॉलोनी के साथ सर्किट हाउस व मंत्री बंगलों को तोड़कर नई कलेक्टोरेट व कुछ अन्य दफ्तरों को यहां शिफ्ट किया जाना है। ये काम रीडेंसिफिकेशन प्रोजेक्ट के तहत हो सकेगा। इसको लेकर पीएस रेवेन्यू के यहां तक बैठकें हो चुकी हैं। इसके बाद इस प्रस्ताव को मंजूरी मिली है।

कलेक्टर ने प्रस्ताव देखने के बाद इसमें कुछ सुधार के निर्देश दिए हैं। बिल्डिंग को पूरी तरह से पब्लिक कनेेक्ट बनाया जाए। इस पर उन्होंने जोर दिया है। भविष्य को देखकर इसमें सोलर एनर्जी से लेकर प्राकृतिक प्रकाश तक की व्यवस्था की गई है।

भोपाल के कलेक्टर अविनाश लवानिया के अनुसार नई कलेक्टोरेट को पूरी तरह से पब्लिक कनेक्ट बनाया जाएगा। यहां जनता को अलग-अलग कार्यालय में चक्कर नहीं काटने होंगे। इस संबंध में गुरुवार को प्रजेंटेशन देखा है। जल्द आगे की कार्रवाई शुरू होगी।