भोपाल

‘एमपी पुलिस’ नहीं कर पाएगी इन 8 शब्दों का प्रयोग, निर्देश जारी

Mp news: डिक्शनरी से हटाए जा चुके 675 शब्द, अब भी उपयोग कर रहे जांच अधिकारी

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Apr 04, 2025
MP Police

Mp news: एमपी पुलिस का सालों पुराना उर्दू और फारसी शब्दों का मोह नहीं छूट पा रहा है। जबकि इन शब्दों का उपयोग नहीं करने को लेकर पीएचक्यू से कई बार दिशा-निर्देश भी जारी किए जा चुके है। फिर भी पुलिस मशरूका, दीगर और अलामत जैसे शब्दों का प्रयोग कर रही है।

पत्रिका ने इंदौर, रतलाम सहित कई जिलों की पुलिस के दस्तावेज पढ़े। जिसमें अभी भी उर्दू और फारसी के शब्दों का इस्तेमाल हो रहा है। जबकि उर्दू और फारसी के करीब 675 से ज्यादा शब्द चिंह्नित कर उनका हिंदी अनुवाद तैयार करवाया गया। जिसकी बाकयदा पीएचक्यू ने डिक्शनरी तैयार करवाई है।

बदले गए थे ये शब्द

अलामत -हस्ताक्षर

अदमचेक- असंज्ञेय

मशरूका- जब्त सामान

दीगर- दूसरा

अहकाम- महत्त्वपूर्ण

फर्द अफराद -एक व्यक्ति

रोजनामचा- दैनिक पुस्तिका

अदम पैरवी -बगैर देखरेख


समझ से परे थे ये शब्द

पुलिस कार्रवाई में उपयोग आने वाले आलामात, दीगर, मशरूका जैसे शब्द लोगों की समझ से परे थे। इस कारण आम लोगों को सामान्य काम के लिए भी जानकारी की मदद लेनी पड़ती थी। इन्हीं दिक्कतों को देखते हुए ये बड़ा बदलाव किया गया था।

इन शब्दों को चिह्नित कर हिंदी में अनुवाद करवाया गया। जिनके इस्तेमाल के निर्देश दिए गए है। सख्ती से इन्हें लागू करवाया जाएगा। -पवन श्रीवास्तव, स्पेशल डीजी, सीआइडी

Updated on:
04 Apr 2025 12:35 pm
Published on:
04 Apr 2025 12:26 pm
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