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एमपी में अर्जित अवकाश पर हाईकोर्ट का कड़ा आदेश, अवमानना याचिका पर दिखाई सख्ती

MP High Court - एमपी में अर्जित अवकाश पर दायर एक अवमानना याचिका पर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर ने कड़ा रुख दिखाया है।

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MP High Court - एमपी में अर्जित अवकाश पर दायर एक अवमानना याचिका पर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर ने कड़ा रुख दिखाया है। हाईकोर्ट ने सख्ती अपनाते हुए जबलपुर के जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी को अदालत में तलब किया है। कोर्ट ने सेवानिवृत्त शिक्षकों द्वारा दाखिल की गई अवमानना याचिका के मामले में यह आदेश जारी किया। शिक्षकों की याचिका में बताया गया कि उन्हें अदालत के आदेश के बावजूद 300 दिनों के अर्जित अवकाश की राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है।

हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद जबलपुर के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) घनश्याम सोनी को अदालत में पेश होने का आदेश दिया है। सेवानिवृत्त शिक्षकों द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि डीईओ DEO ने कोर्ट के आदेश की गलत व्याख्या करते हुए उन्हें राशि नहीं दी।

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300 दिनों की छुट्टी के पैसे की दरकार
सेवानिवृत्त शिक्षकों के मुताबिक उन्हें 300 दिनों के अर्जित अवकाश की राशि देय है। विभाग ने पैसा नहीं दिया तो कोर्ट में याचिका दायर की जहां उनके पक्ष में फैसला आया। इसके बाद भी राशि नहीं मिली क्योंकि जबलपुर के जिला शिक्षा अधिकारी ने कोर्ट के आदेश की अपने हिसाब से व्याख्या की। तब शिक्षकों ने डीईओ के खिलाफ कोर्ट की अवमानना का केस लगाया।

अवमानना याचिका पर सुनवाई के बाद जबलपुर हाईकोर्ट ने जबलपुर के DEO घनश्याम सोनी को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने को कहा है। उन्हें कोर्ट में अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए बुलाया गया है। बता दें कि जिला शिक्षा अधिकारी को कुछ दिन पहले ही कोर्ट का एक और नोटिस मिल चुका है। रेप पीड़िता छात्रा की पहचान उजागर करने के मामले में उन्हें यह नोटिस जारी किया था।