
पुरानी घोषणाओं को फिर दोहराया, 12 वीं में 75 फीसदी से ज्यादा अंक आने पर छात्राओं को देंगे स्कूटी
भोपाल. भाजपा 2013 के अपने घोषणा पत्र में किसानों को आवश्यक परिस्थिति में कर्ज माफी करने और उसके लिए अलग से ऋण राहत आयोग का गठन करने का वादा भूल गई है। पांच साल में न तो इस घोषणा पर अमल हुआ और न ही इस बार के घोषणा पत्र (दृूष्टि पत्र) में कर्ज माफी का कोई जिक्र है।
उधर, पिछली बार पार्टी ने युवाओं को स्मार्ट फोन से लुभाया था। इस बार 12वीं में 75 फीसदी से ज्यादा अंक आने पर छात्राओं को स्कूटी देने का वादा किया है। भाजपा के दृष्टि-पत्र में बहुत कुछ नया नजर नहीं आता। कई पुरानी योजनाओं को ही आगे बढ़ाया गया है।
पिछली बार का स्लोगन ‘जन-जन की आवाज, फिर भाजपा फिर शिवराज।’ इस बार बदलकर ‘भाजपा ने सांचा, समृद्ध मध्यप्रदेश का ढांचा’ कर दिया गया है। 2013 में घोषणा पत्र के मुख्य पृष्ठ पर सीएम शिवराज सिंह चौहान की तस्वीर थी। दृष्टि पत्र में शिवराज के साथ पीएम नरेंद्र्र्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह की तस्वीरें भी हैं।
2013 के जन संकल्प और 2018 के दृष्टि-पत्र के मुख्य बिंदु
किसान
दृष्टि पत्र: छोटे किसानों को जमीन के रकबे के आधार पर बोनस (लघु किसान स्वावलंबन योजना)
जनसंकल्प: किसानों के कर्ज को माफ करने ऋण राहत आयोग बनाना और ऋण राहत की योजनाएं बनाना।
महिला
दृष्टि पत्र: महिलाओं को रोजगार दिलाने रोजगार मॉडल की बात की। 10 नए महिला ग्रामीणी बीपीओ खोलने और आशा कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन देने का वादा। जनसंकल्प: बेरोजगार महिलाओं को उद्योग-व्यापार के लिए ऋण, भूमि रजिस्ट्री में महिलाओं को छूट, वाहन पंजीयन में रियायत और ड्रायविंग लाइसेंस निशुल्क।
युवा
दृष्टि पत्र: परिवार के एक बेरोजगार को किसी काम से जोडकऱ आय सुनिश्चित करने का वादा। 10 नए प्रोद्योगिकी इंक्यूबेटर खोलने और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी में हर साल 50 हजार को लाभ पहुंचाने की बात। आइटीआई और स्किल डेवलपमेंट सेंटर की पुरानी घोषणा फिर जोड़ी। जनसंकल्प: सरकारी रिक्त पदों पर भर्ती का वादा। पांच साल में 5 लाख युवाओं को स्वरोजगार के लिए क्रेडिट गारंटी के साथ आइटीआइ और स्किल डेवलपमेंट पर फोकस।
एससी-एसटी वर्ग
दृष्टि पत्र: आंदोलनों के चलते इस बार एट्रोसिटी का उल्लेख, आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए होस्टल के साथ स्वरोजगार और प्रशिक्षण जैसे मुद्दे फिर दोहराए।
जनसंकल्प: वनभूमि पर खेती कर रहे आदिवासियों को पट्टे देने विशेष अभियान का वादा, एससी-एसटी के बच्चों के लिए छात्रावास।
उद्योग
दृष्टि पत्र: रोजगार उद्योग नीति का वादा किया। पुरानी घोषणा को बदल कर परोसा, अब कहा- सात नए
लघु और मध्यम उद्योग क्लस्टर विकसित करेंगे।
जनसंकल्प: 3 राष्ट्रीय निर्माण
एवं औद्योगिक क्षेत्र के साथ ही 3 इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का निर्माण।
शहरी विकास
दृष्टि पत्र: भोपाल-इंदौर में मेट्रो की फिर बात दोहराई। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए अब एक मॉडल बनाने की बात।
जनसंकल्प: भोपाल-इंदौर में मेट्रो लाने की कार्रवाई तेज करने का वादा। एक लाख गरीबों को प्रतिवर्ष मकान देने की बात।
कर्मचारी
दृष्टि पत्र: इस बार 4 घोषणाएं, वेतन आयोग के गठन की बात दोहराई। संविदा कर्मियों को नियमिति के बराबर भत्ते का वादा।
जनसंकल्प: पिछली बार 12 घोषणाएं, वेतन विसंगति दूर करने आयोग गठन की बात। संविदा कर्मियों के लिए मानव संसाधन नीति का भरोसा।
सडक़
दृष्टिपत्र: इस बार अटल समृद्धि कॉरिडोर की बात, इसमें भी सडक़ों का विस्तारऔर 4 लेन का वायदा।
जनसंकल्प: नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे का विस्तार और अन्य सडक़ों का 4 लेन करने का वायदा।
ये अहम घोषणाएं
वल्र्ड स्कूल की तर्ज पर प्रदेश में 100 स्कूल स्थापित करने के साथ ही और विद्या उपासना स्मार्ट विद्यालय योजना।
महिलाओं को बस यात्रा के किराए में रियायत।
भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में ग्लोबल स्किल पार्क।
अगली ग्लोबल इंवेस्टर समिट में 5 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य।
समुद्र के किनारे जमीन लेकर वहां मप्र समृद्धि पोर्ट स्थापित करना।
सरकारी सुविधाओं की डोर स्टेप डिलीवरी।
तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की भर्ती में इंटरव्यू का प्रावधान समाप्त करेंगे।
हर सरकारी अस्पताल में ई-स्वास्थ्य रिकार्डिंग की व्यवस्था।
महानगरों की सीमा से 20 किमी अंदर की ग्रामीण बस्तियों को आर्थिक सुविधा।
स्कूलों में राष्ट्रगान के साथ अब मध्यप्रेदश गान अनिवार्य करेंंगे।
डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति की उम्र 70 साल करेंगे।
इन्होंने बनाया दृष्टि पत्र
संयोजक: पूर्व केंद्रीय मंत्री विक्रम वर्मा
सह संयोजक : रघुनंदन शर्मा, प्रहलाद पटेल
समन्वयक: डॉ़ दीपक विजयवर्गीय
सदस्य : कैलाश विजयवर्गीय, डॉ नरोत्तम मिश्रा, मदनमोहन गुप्त, गौरीशंकर बिसेन, अर्चना चिटनिस, विवेक शेजवलकर, लालसिंह आर्य, रंजना बघेल, उमाशंक गुप्ता, गणेश ङ्क्षसह सहित 32 सदस्य।
दृष्टि-पत्र झूठ का पुलिंदा: कमलनाथ
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने भाजपा के दृष्टि-पत्र नाम से घोषणा-पत्र को झूठ का पुलिंदा करार दिया है। उन्होंने कहा, जिस भाजपा ने 2003, 2008 व 2013 के घोषणा-पत्र को अब तक नहीं देखा, वो फिर धोखे का दृष्टि-पत्र लाई है। इसमें बिजली-सडक़-पानी तक पर ठोस योजना दृष्टि-पत्र में नहीं है।
Published on:
18 Nov 2018 10:00 am
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