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हमीदिया: खुले में लगा संक्रमित कचरे का ढेर बढ़ा रहा गंभीर बीमारियों का खतरा, फोटो वायरल

कुत्ते कच्चरे को पूरे परिसर में फैला रहे, मरीजों से लेकर स्टाफ की जान के साथ खिलवाड़

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भोपाल. हमीदिया अस्पताल में खुले में संक्रमित कचरे का ढेर लगा हुआ है। जिसे कुत्ते परिसर में फैला रहे हैं। यह सिर्फ कंपाउंड में गंदगी नहीं बल्कि मरीजों से लेकर स्टाफ की जान के साथ खिलवाड़ है। यह स्थिति तब है जब कचरे के निस्तारण के लिए हर माह सात लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं। बुधवार को अस्पताल में लगे कचरे के ढेर का फोटो सोशल मीडिया ग्रुपों में वायरल होने लगा। जिसमें दावा किया गया है कि यह स्थिति बीते दस दिनों से बनी हुई है। प्रबंधन का दावा है कि बायो मेडिकल कचरा उठाने के लिए जिस एजेंसी को अनुबंधित किया गया है, वह रोजाना कचरा उठा रही है। लेकिन हकीकत कुछ और दिखाई दे रही है।

कचरे से उड़ रही दुर्गंध


ब्लॉक 2 के पीछे और गर्ल्स हॉस्टल के समीप खाली पड़ी जगह पर सफाई कर्मचारी रोजाना बायोमेडिकल वेस्ट खुले में फेंकते हैं। यहां पट्टियां, ग्लब्ज, दवाई की बोतलों का अंबार लगा हुआ हैं। स्थिति यह है कि उसमें बदबू तक आने लगी है।

यह है नियम


वेस्ट को तीन हिस्सों में बांटा जाना चाहिए। खराब रक्त, मानव अंग जैसी चीजों को लाल डिब्बे में रखा जाना चाहिए। रुई, इंजेक्शन और बेकार दवाइयों को पीले डिब्बे में रखा जाना चाहिए। बाकी बची हुई चीजों को हरे डिब्बे में रखना चाहिए। इन सभी बॉक्स को ऐसी जगह रख देना चाहिए, जिससे यह किसी के संपर्क में न आ सके। इस तरह मेडिकल कचरे को अस्पताल में मेडिकल वेस्ट के डिस्पोजल का जिम्मा संभालने वाली एजेंसी के कर्मचारी गाडिय़ों में सुरक्षित तरीके से भरकर प्लांट ले जाते हैं।

यह जिम्मेदार


अस्पताल में काम करने वाले गार्ड ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि एजाइल ग्रुप के पास कचरे को अस्पताल से एकत्रित कर उसे एक जगह डंप करने की जिम्मेदारी है। इसके बाद इंडिया वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी इसे निस्तारण के लिए प्लांट ले जाती है। इसके बाद भी इस कचरे को उठाकर खुले में फेंका जा रहा है। वहीं संक्रमित कचरे को इकट्ठा करने के लिए अस्पताल में स्टोरेज रूम तैयार किया जाना है। इसके लिए कई बार प्रपोजल भी तैयार किया गया लेकिन रूम नहीं बन सका।

इनका कहना यह


इस मामले की जांच के बाद जो जिम्मेदार होगा, उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। अस्पताल से निकलने वाले कचरे के निस्तारण के लिए पूरी व्यवस्था की गई है।

  • डॉ. सुनीत टंडन, अधीक्षक, हमीदिया अस्पताल