भोपाल

करोड़ों की कमाई के फेर में जेल पहुंच गया प्रतिष्ठित डॉक्टर का बेटा, हाईप्रोफाइल पत्नी और मां भी फंसी

Saurabh Sharma – लालच ने जहां उसे जेल पहुंचा दिया वहीं उसकी पत्नी दिव्या तिवारी और मां उमा शर्मा भी कानूनी पचड़े में फंस गई हैं।

भोपालMar 31, 2025 / 02:18 pm

deepak deewan

Judicial custody of Saurabh Sharma extended

Judicial custody of Saurabh Sharma extended

Saurabh Sharma – मध्यप्रदेश में परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक और करोड़ों की काली कमाई करनेवाले सौरभ शर्मा की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी गई है। सौरभ शर्मा के सहयोगी चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल को भी अभी सेंट्रल जेल में ही रहना होगा। अब ये तीनों 11 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में सेंट्रल जेल में रहेंगे। सौरभ शर्मा के लालच ने जहां उसे जेल पहुंचा दिया वहीं उसकी पत्नी दिव्या तिवारी और मां उमा शर्मा भी कानूनी पचड़े में फंस गई हैं। ईडी जहां इस मामले में पत्नी की भूमिका की जांच कर रही है वहीं पुलिस ने मां के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। सौरभ शर्मा के पिता एक प्रतिष्ठित डॉक्टर थे लेकिन करोड़ों कमाने की हवस में यह हाईप्रोफाइल परिवार बर्बादी की कगार पर आ खड़ा हुआ है।
सौरभ शर्मा पर परिवहन विभाग में नौकरी के दौरान अवैध कमाई का आरोप है। उसने अकूत धन कमाया और कई बेनामी संपत्तियां खरीदीं। वह बिल्डर भी बन गया।

लोकायुक्त की छापेमारी के बाद उसकी कई संपत्तियों का खुलासा हुआ था। 52 किलो गोल्ड और करोड़ों के कैश के साथ आयकर विभाग ने भी एक गाड़ी पकड़ी थी।
सौरभ शर्मा के कारण पत्नी दिव्या तिवारी और मां उमा शर्मा भी फंस गई हैं। पत्नी दिव्या तिवारी अपने पति के साथ 41 दिनों तक फरार रहीं थीं। काली कमाई से बनी संपत्ति के मामले की जांच ईडी भी कर रही है और उसने दिव्या तिवारी के बयान दर्ज कर लिए हैं।
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सौरभ की मां उमा शर्मा के खिलाफ तो धोखाधड़ी व लोक सेवक को शपथ दिलाकर झूठा बयान देने के आरोप में केस भी दर्ज कर लिया गया है। सौरभ के पिता सरकारी चिकित्सक थे। सन 2015 में पिता की मौत के बाद अनुकंपा के आधार पर विभाग में नौकरी पाने के लिए झूठा हलफनामे दे दिया। इस केस में मां बेटे पर सिरोल थाने में मामला दर्ज किया गया है।
सौरभ शर्मा (Saurabh Sharma) की ओर से शनिवार को लोकायुक्त कोर्ट में वकील ने जमानत का आवेदन लगाया। इस आवेदन पर अब 2 अप्रैल को सुनवाई होगी। वकील का कहना है कि 60 दिन पूरे होने के बाद भी लोकायुक्त पुलिस चालान पेश नहीं कर सकी है। इसलिए जमानत दी जाए।
सौरभ सहित तीनों आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में पेश किया गया। इस केस में लोकायुक्त पुलिस, आयकर विभाग और ईडी अलग अलग जांच कर रहे हैं। ईडी कोर्ट में 11 अप्रैल को चालान पेश करने की बात कही गई है।

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