भोपाल

अच्छी पहलः अब नहीं होगा खटलापुरा जैसा हादसा, नई तकनीक से यहां भी हुई बप्पा की विदाई, VIDEO

-नगर निगम ने नई तकनीक से दी बप्पा को विदाई-इस तकनीक से तालाब की गहराई में विसर्जित हुई मूर्तियां-शहरभर से एकत्रित मूर्तियां जवाहर टेकरी पर विसर्जित-चल समारोह में शामिल हुए महापौर पुष्यमित्र भार्गव

भोपालSep 10, 2022 / 02:22 pm

Faiz

अच्छी पहलः अब नहीं होगा खटलापुरा जैसा हादसा, नई तकनीक से यहां भी हुई बप्पा की विदाई, VIDEO

भोपाल. साल 2019 में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के छोटा तालाब स्थित खटलापुरा घाट पर गणेश विसर्जन के दौरान नाव पलटने से हुई 11 लोगों की मौत ने देशभर में खुशी के उस दौर में मातम बिखेर दिया था। उस मामले में भोपाल प्रशासन की कुछ लापरवाहियां सामने आई भी। हालांकि, सिर्फ भोपाल ही नहीं मध्य प्रदेश के साथ साथ देशभर में अलग अलग घाटों और कुंडों में लापरवाही के कारण जान गवाने के मामले सामने आते रहते हैं। हालांकि, भोपाल की ही बात करें तो यहां प्रशासन ने उस हादसे के बाद काफी सजगता बरतनी शुरु कर दी है। अब विसर्जन करने आए लोगों के घाट के छोर पर जाने की अनुमति नहीं रहती। साथ ही, प्रतिमा विसर्जन के लिए एक क्रेन भी लगा दी गई है, जिसपर रखकर आसानी विसर्जन किया जाता है।

इसी के साथ मध्य प्रदेश के ही इंदौर शहर के नगर निगम ने मूर्ति विसर्जन एक नई तकनीक इजाद की है। इंदौर नगर निगम ने गणेश विसर्जन के लिए इस बार देश में पहली बार क्रेन, स्केलेटर और जलकुंबी का इस्तेमाल किया है। साथ ही, गणेश विसर्जन करने आए लोगों को घाट के छोर से करीब 20 फीट दूरी पर ही रोक लिया गया और वहां से छोटे और बड़े गणेश को स्केलेटर और क्रेन की मदद से गहरे स्थान पर सुरक्षित विसर्जित किया गया। इसकी कुछ तस्वीरें भी सामने आईं हैं, जिन्हें देखकर ये अंदाजा लगाया जा सकता है कि, इंदौर प्रशासन द्वारा अपनाई गई इस तकनीक से मूर्ति विसर्जन कितना आसान और सुरक्षित है।

 

यह भी पढ़ें- मासूम को तालीबानी सजा : तथाकथित ब्रह्मचारी ने पेड़ से बांधकर बच्चे को पीटा, बच्चा लगाता रहा मदद की गुहार, VIDEO


देश के हर विसर्जन स्थल के लिए कितनी जरूरी है ये तकनीक ?

https://www.dailymotion.com/embed/video/x8dlc50

इंदौर नगर निगम द्वारा शहर के अलग अलग विसर्जन स्थानों पर स्थानपित की गई इस तकनीक के बारे में बताने का उद्देश्य लोगों को हादसे से बचाना है। ये भी बताना जरूरी है कि, देशभर में इस व्यवस्था के तहत विसर्जन करना कितना फायदेमंद साबित हो सकता है। हर एक की जान कितनी महत्वपूर्ण है, इसका उदाहरण खासतौर पर इंदौर प्रशासन ने सार्थक करके दिखाया। एक छोटी सी लापरवाही किसी की जान पर कितनी भारी पड़ जाती है, इसे रोकने का बढ़िया विकल्प हर एक शहर में प्रभावी होना आवश्यक है।


इंदौर में विधि विधान से किया गया गणेश विसर्जन

आपको बता दें कि, इंदौर में गणेश प्रतिमाएं नगर निगम ने एकत्रित कीं। इनका विसर्जन करने से पहले भव्य चल समारोह भी निकाला गया। इसके बाद मूर्तियां विसर्जित करने के लिए जवाहर टेकरी पर पहुंची। यहां पर निगम ने नई तकनीकी से बप्पा को विदाई दी गई। इसकी शुरूआत सुबह 11 बजे से कर दी गई। जवाहर टेकरी स्थित खदानों में भरे बारिश के पानी में प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। विधि-विधान और पूजन कर बप्पा को विदाई दी गई।


विसर्जन के दौरान मुस्तैद रहा इंदौर प्रशासन

चल समारोह में संत-महात्मा, बटुक, बैंड-बाजे, ढोल-ताशे आदि शामिल हुए। फूटी कोठी से चल समारोह निकलने के बाद प्रतिमाओं को विसर्जित करने के लिए जवाहर टेकरी पर खदान में भरे बारिश के पानी में मूर्तियों को पूरे विधि-विधान और पूजन के बाद सुबह 11 बजे से विसर्जित करना शुरू किया गया। खास बात ये है कि, प्रतिमा विसर्जन के लिए यहां 6 हाइड्रोलिक जेट फ्लेटफॉर्म क्रेन तैयार की गईं। इसमें प्रतिमाओं को रखकर सीधे पानी में गहरे स्थान पर ले जाकर विसर्जित किया गया। गौरतलब है कि, पिछले साल इंदौर में भी गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन निगम की लापरवाही सामने आई थी। वहीं, भोपाल में हुए खटलापुरा हादसे के बाद इंदौर में लापरवाही से विसर्जन पर बड़ा बवाल मचा था। इसके बाद जिम्मेदार अफसरों समेत कर्मचारियों पर गाज भी गिरी थी। इसी को देखते हुए इस बार विसर्जन व्यवस्था में नई तकनीक अपनाई गई है। साथ ही, विसर्जन के दौरान अपर आयुक्त, 19 जोनल अफसर समेत अन्य अफसरों के साथ कई कर्मचारी भी मौके पर मौजूद रहे।

Hindi News / Bhopal / अच्छी पहलः अब नहीं होगा खटलापुरा जैसा हादसा, नई तकनीक से यहां भी हुई बप्पा की विदाई, VIDEO

Copyright © 2025 Patrika Group. All Rights Reserved.