14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कृष्ण के उपदेश पर अर्जुन ने धर्म के लिए उठाए शस्त्र

रंग-ए-शांति समारोह में बैले धर्मक्षेत्रे-कुरुक्षेत्रे का मंचन

2 min read
Google source verification
कृष्ण के उपदेश पर अर्जुन ने धर्म के लिए उठाए शस्त्र

कृष्ण के उपदेश पर अर्जुन ने धर्म के लिए उठाए शस्त्र

भोपाल। कसौटी बैले एण्ड परफॉर्मिंग आर्ट्स की ओर से तीन दिवसीय चौथा रंग-ए-शान्ति समारोह का आयोजन शहीद भवन में सोमवार से किया गया। पहले दिन चैतन्य सोश्यो कल्चरल सोसायटी की ओर से बैले धर्मक्षेत्रे-कुरुक्षेत्रे का मंचन हुआ। नृत्य-नाट्य प्रस्तुति मणिपुरी, नट संकीर्तन, असम के बोरोताल और छाऊ नृत्यों से सजी थी। प्रस्तुति में कोरियोग्राफी चंद्रमाधव बारिक और निर्देशन श्रुति कीर्ति बारिक का रहा। बैले में बताया गया कि महाभारत युद्ध क्यों हुआ। युद्ध के पीछे क्या कारण रहे। बैले के जरिए दिखाया गया कि वर्तमान समय भी विनाश की ओर जा रहा है। ऐसी ही स्थिति रही तो बहुत जल्द दोबारा धर्मयुद्ध-महाभारत होगा।

क्या सचमुच सिर्फ यही कारण रहे
बैले की शुरुआत कुरुक्षेत्र से होती है, जहां दोनों सेना युद्ध को तैयार हैं। कहानी फ्लैश बैक में जाती है। इस बात का मूल्यांकन किया जाता है कि वे कौन से कारण रहे, जिनकी वजह से महाभारत हुआ। कौरवों द्वारा द्रौपदी का अपमान, राजा ध्रुपद द्वारा गुरु द्रोण का अपमान या उपहास के प्रतिकार के कारण ही महाभारत युद्ध हुआ, ऐसा माना जाता है। लेकिन क्या सचमुच सिर्फ यही कारण रहे। कुरुक्षेत्र के मैदान में पांडवों और कौरवों की सेनाएं आमने-सामने देख अर्जुन विपक्ष में खड़े भीष्म और द्रोण आदि को देख शस्त्र नीचे करते हैं। इस दृश्य में कलाकारों के अभिनय कौशल को देख दर्शक भाव से भर गए। श्रीकृष्ण के उपदेशों ने अनायास ही दर्शकों को रोमांचित किया। यूं तो गीता संसार भर के मनुष्यों को सन्मार्ग पर चलने का आग्रह है, मार्गदर्शन है और सार्थक शब्दों में कहा जाए तो आदेश है।

मणिपुर कॉस्ट्यूम और म्यूजिक
नाटक में 22 कलाकारों ने अभिनय किया। इसमें मणिपुरी और क्षत्रिय नृत्य का समावेश किया गया। झांझ, करताल, बोरोताल का प्रयोग किया गया। इसमें कॉस्ट्यूम से लेकर हेडगेयर और म्यूजिक में मणिपुरी लोक परंपरा की झलक देखने को मिली। इस बैले के म्यूजिक की रिकॉर्डिंग भी मणिपुर के कालाकारों ने ही की है। कलाकारों ने पात्रों को प्रदर्शित करने के लिए मास्क का भी यूज किया। स्टेज पर आत्मा के दृश्य को दिखाने के लिए सफेद रंग के पारदर्शी चोंगे का उपयोग किया गया।