
Vikas Divyakirti sir in trouble
भोपाल। भगवान राम और माता सीता पर टिप्पणी कर दृष्टि आईएएस कोचिंग इंस्टीट्यूट के संस्थापक (Divyakirti sir) डॉ. विकास दिव्यकीर्ति मुश्किलों से घिरते नजर आ रहे हैं। विकास दिव्यकीर्ति का मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भी विरोध उभरकर सामने आने लगा है। सोशल मीडिया पर उन्हें (Divyakirti sir) लगातार ट्रोल किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि भगवान राम और माता सीता पर उन्होंने जो बात कही वह अपमानजक है। अब उन (Divyakirti sir) पर न केवल एफआईआर दर्ज कराने की मांग की जा रही है बल्कि, ईश निंदा पर कानून बनाने की चर्चा भी जोर पकड़ रही है।
संस्कृति बचाओ मंच कर रहा एफआईआर की मांग
विकास दिव्यकीर्ति (Divyakirti sir) को ट्विटर पर ट्रोल भी किया जा रहा है। संस्कृति बचाओ मंच ने दिव्यकीर्ति (Divyakirti sir) के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है। संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्र शेखर तिवारी ने कहा कि जिस प्रकार से अनर्गल टिप्पणी की गई है, वह हिंदू समाज की जन भावनाओं को ठेस पहुंचाती है। (Divyakirti sir) संस्कृति बचाओ मंच इसका विरोध करता है। मंच यह मांग करता है कि केंद्र सरकार इसमें हस्तक्षेप करे और इनकी जहां-जहां कोचिंग हैं, इनके (Divyakirti sir) खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए और इनको (Divyakirti sir) गिरफ्तार किया जाए। संस्कृति बचाओ मंच यह भी मांग करता है कि शीघ्र ईशनिंदा कानून को लाया जाए, ताकि हमारे देवी-देवताओं के प्रति हर कोई जो अनर्गल टिप्पणी करता है वह बंद हो जाए।
सोशल मीडिया पर दिखा विरोध
सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म ट्विटर पर विकास दिव्यकीर्ति (Divyakirti sir) के खिलाफ मुहिम चलाई जा रही है। लोगों ने उनके कोचिंग सेंटर दृष्टि आईएएस को बंद करने की मांग की है। लोग ट्वीट कर रहे हैं कि भगवान राम और माता सीता को लेकर की गई टिप्पणी की वजह से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं।
जानें कौन है विकास दिव्यकीर्ति
दरअसल विकास दिव्यकीर्ति (Divyakirti sir) दिल्ली में स्थित दृष्टि आईएएस कोचिंग संस्थान के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। पिछले दो दशक में उन्होंने स्टार जैसा स्टेटस बनाया है। दिव्यकीर्ति (Divyakirti sir) का जन्म हरियाणा के मध्यम वर्गीय परिवार में सन् 1973 को हुआ था। बचपन से ही वे पढऩे में अच्छे रहे। उनके (Divyakirti sir) माता-पिता दोनों ही हिंदी साहित्य के प्रोफेसर थे। दिव्यकीर्ति (Divyakirti sir) ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीए किया। हिंदी साहित्य से लगाव होने की वजह से उन्होंने (Divyakirti sir) इस विषय में एमए, एमफिल और फिर पीएचडी भी की। दिव्यकीर्ति (Divyakirti sir) ने डीयू और भारतीय विद्या भवन से अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री भी हासिल की है।
नौकरी छोड़ शुरू की कोचिंग
दिल्ली यूनिवर्सिटी में एक टीचर के रूप में करियर की शुरुआत करने वाले दिव्यकीर्ति (Divyakirti sir) ने 1996 में पहले ही अटैम्प्ट में पीएससी की परीक्षा पास कर ली थी। एक आईएएस ऑफिसर के रूप में उन्हें (Divyakirti sir) गृह मंत्रालय में पोस्टिंग मिली थी। एक साल तक चली इस नौकरी में उनका (Divyakirti sir) मन नहीं लगा और उन्होंने (Divyakirti sir) यह जॉब छोड़ दी। देश की सबसे बड़ी नौकरी को छोडऩे के बाद विकास दिव्यकीर्ति (Divyakirti sir) ने साल 1999 में दृष्टि आईएएस कोचिंग इंस्टीट्यूट की शुरुआत की।
Updated on:
11 Nov 2022 05:44 pm
Published on:
11 Nov 2022 05:43 pm
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