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भोपाल@रिपोर्ट- हरीश दिवेकर.
मंदसौर गोलीकांड से नाराज किसानों को मनाने के लिए सरकार आपदा कोष से 100 करोड़ रुपए खर्च करने जा रही है। अभी तक इसका उपयोग ओला-पाला और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के लिए किया जाता रहा है। इस राशि से अब किसानों के पास रखा हुआ डोडा-चूरा जलानेे पर उन्हें125 रुपए प्रति किलो के हिसाब से भुगतान करने का प्रस्ताव आबकारी विभाग तैयार कर रहा है।
इसे जल्द ही मंजूरी के लिए कैबिनेट मेंं लाया जाएगा। कैबिनेट की मुहर लगने पर मालवा के तीन जिलों मंदसौर, नीमच और रतलाम में जिन किसानों के पास पिछले साल का गैर-कानूनी तरीके से डोडा चूरा स्टॉक में है, वह भी इसके दायरे में आ जाएगा। सरकारीअनुमान के अनुसार 2017-18 और 2018-19 में तीनों जिलों में लगभग सात हजार टन डोडा-चूरा है। इसे किसानों से मौके पर जलवा कर उसका भुगतान किया जाएगा।
इसलिए बनाया प्रस्ताव
मंदसौर गोलीकांड को इसी 6 जून को एक साल पूरे हो रहे हैं। इन तीनों जिलों में अफीम की खेती से लगभग एक लाख परिवार जुड़े हैं। पहले डोडाचूरा खरीदी बंद होने और उसके बाद गोलीकांड से अफीम उत्पादक किसानों में नाराजगी है। इसका खुलासा भाजपा और आरएसएस के सर्वे में भी हुआ है। मंदसौर कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव ने किसानों की नाराजगी से अवगत कराते हुए डोडा-चूरा जलाने और उसकी एवज में प्रभावितों को क्षतिपूर्ति करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा।
इसके बाद मुख्यमंत्री सचिवालय ने आबकारी महकमे को किसानों से 125 रुपए किलो में डोडा-चूरा खरीदकर जलाने का प्रस्ताव बना कर कैबिनेट में लाने के निर्देश दिए। इस पर कुछ अधिकारियों ने आपत्ति की। उनका तर्क था कि एनडीपीएस एक्ट में 30 जून के बाद डोडा-चूरा रखना तथा उसे खरीदना-बेचना अपराध है।
कुछ किसानों के पास पिछले साल का डोडा-चूरा भी अवैध रूप से रखा है। ऐसे में डोडा-चूरा खरीदते हैं तो कानूनी उलझन पैदा हो सकती है। अच्छा है कि किसान खुद ही जला दें। हम प्रोत्साहन अथवा मुआवजा के नाम से उन्हें पैसे दे देंगे। इसके बाद प्रस्ताव नए सिरे से बनाने की सहमति बन गई है।
डोडा-चूरा खरीदना-बेचना अपराध
केन्द्र सरकार ने 2016 के सीजन से डोडाचूरा की खरीदी-बिक्री पर रोक लगा दी थी। तब से यह एनडीपीएस एक्ट के दायरे में आ गया। मालवा में इस कानून के तहत डोडा-चूरा की तस्करी में सैकड़ों किसानों को जेल हुई। डोडा चूरा सिर्फ नशे के काम आता है। इसकी ज्यादातर तस्करी पंजाब और हरियाणा में होती है।
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स और आबकारी महकमे को स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रत्येक सीजन में खेतों से अफीम निकालने के बाद डोडा चूरा को 30 जून तक नष्ट कर दिया जाए। इसके बावजूद दोनों एजेंसी डोडा-चूरा को पूरी तरह नष्ट कराने में नाकाम रही हैं।
किसने क्या कहा
मंदसौर कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव ने कहा, यह बात सही है कि डोडा-चूरा जलाए जाने और किसानों को इसकी क्षतिपूर्ति देने का प्रस्ताव सरकार को भेजा है। इससे ज्यादा मैं आपको कुछ नहीं बता सकता। वाणिज्यिक कर प्रमुख सचिव मनोज श्रीवास्तव ने कहा, डोडा चूरा नष्ट करने के संबंध में प्रस्ताव तैयार हो रहा है, लेकिन इसकी प्रक्रिया क्या होगी, यह नहीं बताया जा सकता।
Published on:
03 May 2018 08:21 am
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