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नर्मदा नदी में बाढ़ का खतराः डिंडौरी बना टापू, मंडला में रेस्क्यू ऑपरेशन, बरगी डैम भी खुलेगा

danger of flood- मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी नर्मदा नदी में बाढ़ का खतरा...। मंडला में बाढ़ से घिरे लोग...। डिंडोरी बना टापू...। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी...।

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भोपाल

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Manish Geete

Aug 03, 2023

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डिंडौरी से लेकर जबलपुर तक नर्मदा उफान पर...। अब बरगी डैम से छोड़ा जाएगा पानी।

Danger of flood in narmada river. मध्यप्रदेश में मानसून की भारी बारिश का दौर जारी है। कई जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं। प्रदेश की सबसे बड़ी नर्मदा नदी का जल स्तर पहले ही बढ़ा हुआ है। इस बीच बरगी बांध के 15 गेट खोल दिए जाएंगे। इसके बाद जबलपुर से गुजरात के बीच बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नर्मदा नदी के किनारे के सभी जिलों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।

मध्यप्रदेश में बारिश के बीच मौसम विभाग (imd) ने कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इधर, जबलपुर का बरगी डैम (bargi dam) भी लबालब हो गया है। गुरुवार रात को इसके 15 गेट पौने दो मीटर तक खोले जा रहे हैं। गुरुवार को दोपहर तक बरगी डैम का जल स्तर 420 मीटर रिकार्ड किया गया। इससे पहले 19 जुलाई को भी नर्मदा का जल स्तर बढ़ने के बाद बरगी बांध के 5 गेट खोले गए थे। यह दूसरा मौका है जब डैम के 15 गेट खोले जा रहे हैं।

जबलपुरः रात 8 बजे खुलेंगे बरगी के गेट

जबलपुर से खबर है कि बरगी बांध की 15 गेट रात बजे 1.76 मीटर (पौने दो मीटर) तक खोले जाएंगे। नर्मदा के कैचमेंट में हो रही लगातार बारिश और सहायक नदियों के भी नर्मदा मिलने के बाद लगातार डैम भर रहा है। इसका जल स्तर 420 मीटर पर पहुंच गया है। जबकि इसकी क्षमता 422.76 मीटर है। बरगी डैम में यही फ्लो रहा तो रात 8 बजे तक डैम के 15 गेट खोलने पड़ेंगे। अधिकारियों के मुताबिक गेट खोलने के लिए 8 बजे का वक्त तय किया गया है। बरगी के गेट खोले जाने के बाद नर्मदा नदी में 30 फीट तक लेवल बढ़ जाएगा। बरगी बांध के बड़े अधिकारियों ने नर्मदा के तटों से दूर रहने को कहा है।

नर्मदापुरम में खतरा बढ़ा

इधर, बरगी डैम खोले जाने के बाद नर्मदापुरम में खतरा बढ़ जाता है। करीब 12 से 15 घंटे बाद बरगी का पानी नर्मदापुरम तक पहुंचता है। जब-जब बरगी डैम, तवा डैम और बारना डैम का पानी एक साथ छोड़ा जाता है, ऐसी स्थिति में नर्मदापुरम चारों तरफ से बाढ़ से घिर जाता है। पिछले कुछ वर्षों में जब भी बाढ़ आई है, वह इन तीनों डैम के पानी छोड़ने पर ही आई है। कई बार एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आर्मी तक बुलानी पड़ी थी। फिलहाल बरगी बांध के अधिकारियों ने अलर्ट रहने को कहा है।

अलर्ट है प्रशासन

इधर, नर्मदापुरम जिले में प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। आपदा मित्र भी गांवों में सुरक्षा की कमान संभाल रहे हैं। होमगार्ड के जवानों के साथ यह आपदा मित्र तैनात किए जाते हैं। क्षेत्र में करीब 100 से अधिक आपदा मित्र अलग-अलग गांवों में तैनात किए जाते हैं। यह स्थानीय युवा होते हैं जिन्हें क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति का ज्ञान होता है और प्रशासन मानसेवी के रूप में कार्य करने का मौका देता है।

नर्मदापुरमः तवा डैम का जल स्तर बढ़ा

नर्मदापुरम जिले में गुरुवार सुबह से लेकर देर शाम तक बारिश का दौर जारी है। तवा डैम का जलस्तर बढ़कर 1156 फीट पर आ गया। अधिकतम जल स्तर 1166 फीट है। अभी जल भराव के लिए 10 फीट की जरूरत है। फिलहाल डैम के गेट खोलने की स्थिति नहीं है। बीते चौबीस घंटों के दौरान जिले में 4.7 इंच बारिश दर्ज की गई। जिले में अब तक 224.39 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि पिछले साल 307.47 इंच बारिश हुई थी। सेठानीघाट पर नर्मदा का जल स्तर 936 फीट पर चल रहा था।

टापू बना डिंडौरी, कई जिलों का संपर्क टूटा

डिंडौरी से खबर है कि पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर बारिश होने से नर्मदा नदी के साथ ही छोटे नदी-नाले भी उफान पर हैं। गुरुवार को दोपहर में नर्मदा नदी के जोगी टिकरिया घाट के पुल के ऊपर तक पानी आ गया। इससे डिंडौरी और जबलपुर का मुख्य मार्ग बंद हो गया। जबलपुर जाने वालों के लिए रूट को डायवर्ट किया गया है। डिंडौरी-मंडला मार्ग पर किसलीपुर के पास खरमेर नदी का पुल भी पानी में डूब गया है। डिंडौरी टापू बन गया है।

मंडलाः अचानक घर में घुसा पानी, दो लोग फंसे

मंडला जिले में पुल और पुलिया डूबने से मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। अंजनियां चौकी के अंतर्गत बाढ़ आने से घर में फंसे 2 लोगों ने छत पर रात गुजारी, जिन्हें sdrf की टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला। मटियारी डेम में क्षमता के अनुसार पानी बनाए रखने के लिए अधिक पानी पहुंच गया। पानी छोड़ने के लिए गेट खोले गए, ग्राम माधोपुर के एक घर में अधिक पानी घुसने के कारण पूरा परिवार छत पर फंसा रहा। इस सूचना पर एसडीईआरएफ प्लाटून कमांडर हेमराज परस्ते अपने स्टाफ के साथ ग्राम माधोपुर पहुंचे। बचाव उपकरण के साथ 2 लोगों का रेस्क्यू किया। जहां पूरे परिवार को बचाने के साथ ही बाढ़ में फंसे बकरियों और एक बछड़े को भी सुरक्षित बाहर निकाले गए। बताया गया की चंद्रशेखर मरावी (55), दिनेश्वरी मरावी (30) के साथ ही 6 बकरी, एक बछड़े का रेस्क्यू कार्य किया गया। रेस्क्यू कार्य में प्लाटून कमांडर हेमराज परस्ते, सैनिक श्याम मेडा, बाबूलाल गोयल, संदीप कुलहरे एवं राहुल नंदा मौजूद रहे।

शहडोलः भारी बारिश के कारण स्कूलों में अवकाश

इधर, गुरुवार को सुबह शहडोल कलेक्टर वंदना वैद्य ने आदेश जारी कर जिले में सभी स्कूलों में दो दिन के लिए छुट्टी घोषित कर दी है। कलेक्टर वंदना वैद्य के कहा है कि जिले में अत्यधिक वर्षा एवं जल भराव की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए छात्रों के सुरक्षा के मद्देनजर जिले के समस्त प्री प्राइमरी से कक्षा 12वीं तक संचालित सभी शासकीय, अशासकीय और केंद्रीय विद्यालयों में दिनांक 3 और 4 अगस्त को अवकाश घोषित किया जाता है।

जबलपुरः हिरण नदी के पुल पर पानी

पाटन से होकर गुजरने वाली हिरण नदी पिछले तीन दिनों से पुल के ऊपर से खतरनाक बहाव के साथ बह रही है। पुल के दोनों छोर पर पुलिस के जवान तैनात कर दिए गए हैं। लोगों को खतरनाक स्थिति में पुल पार करने के लिए मनाही है। इसके बावजूद गुरुवार दोपहर को एक यात्रियों से भरी बस ड्राइवर ने खुद के साथ यात्रियों की जान को खतरे में डालते हुए बस पुल पार करा दी। इस बीच यात्रियों की जान सांसत में रही। उसे रोकने का प्रयास किया गया था, लेकिन उसने सभी को अनसुना करते हुए बस की रफ्तार बढ़ा दी।

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