सिंघार के दिग्विजय सिंह पर लगाए आरोपों को कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने गंभीरता से लेते हुए संपूर्ण घटनाक्रम की रिपोर्ट तलब की है। इसकी पुष्टि बावरिया ने की है। सोनिया ने कमलनाथ से पूछा है कि उमंग के आरोपों की सत्यता कितनी है। सूत्रों के अनुसार इस मामले में सिंघार पर गाज गिर सकती है। पार्टी उन पर सख्त फैसला ले सकती है, जिससे दूसरे मंत्री भी अनुशासन और गरिमा में रहें।
सरकार में हस्तक्षेप नहीं हो: सिंधिया
पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर में मीडिया से दिग्विजय सिंह का नाम लिए बगैर कहा कि प्रदेश सरकार में किसी का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। अगर मतभेद उठ रहे हैं तो मुख्यमंत्री का दायित्व है कि वे दोनों की बात सुनकर इसका समाधान करें। 15 साल बाद कांग्रेस की सरकार बनी है। अभी छह महीने भी नहीं हुए हैं। जनता को सरकार से बहुत अपेक्षाएं हैं। ऐसी बातें नहीं होनी चाहिए। सरकार स्वतंत्र रूप से चलना चाहिए।
मंत्री बोले- उमंग को सीखने की जरूरत
आबकारी मंत्री बृजेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि उमंग सिंघार जैसे युवा नेताओं में वरिष्ठ नेताओं से सीखने की ललक होनी चाहिए। मंत्री लखन घनघौरिया ने कहा, उनको वरिष्ठता का ध्यान रखना चाहिए। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा, सरकार में किसी का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया ने कहा, हस्तक्षेप सिंधिया कर सकते हैं, क्योंकि भाजपा ने नारा दिया था माफ करो महाराज। उसके बाद ही जनता ने सिंधिया और कांग्रेस को चुना। पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने उमंग सिंघार को भाजपा का दलाल बताया है। सिंघार कांग्रेस में रहकर भाजपा का काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने साधा भाजपा पर निशाना
सीएम कमलनाथ ने कहा कि भाजपा जान ले कि मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई विरोधाभास नहीं है। जनता ने, पार्टी ने व विधायकों ने विश्वास कर जवाबदारी उन्हें सौंपी है। दायित्वों व कर्तव्यों का पहले दिन से ईमानदारी और निष्ठा से निर्वहन कर रहे हैं। दिग्विजय 10 वर्ष तक सीएम रहे हैं, उनसे भी सलाह लेता रहता हूं। खुद भाजपा में कई पावर सेंटर रहे हैं।
कार्यकर्ताओं ने जलाया सिंघार का पुतला
उमंग सिंघार के निवास के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुतला फंूका। उन्होंने कहा, उमंग ने जो आरोप लगाए हैं, वे झूठे हैं। जब तक सिंघार को बाहर नहीं किया जाता, तब तक वे उनका पुतला फूंकते रहेंगे। शोभा ओझा ने कहा ये प्रदर्शन भाजपा प्रायोजित हैं।
आदिवासी मंत्री की आवाज दबाने का प्रयास
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा कि आदिवासी मंत्री उमंग सिंघार की आवाज को दबाए जाने का प्रयास किया जा रहा है। आदिवासियों की अभिव्यक्ति के अधिकारों को कुचलने का प्रयास गलत है। यह आदिवासी समाज का अपमान है।